टोल प्लाजा पर जबरन वसूली का आरोप, स्थानीय लोगों में आक्रोश
– ढेरही-दनगंज टोल पर मारपीट और धमकी देने का भी आरोप, समाधान दिवस में शिकायत
केराकत/, संकल्प सवेरा जौनपुर। वाराणसी-आजमगढ़ मार्ग स्थित ढेरही (दानगंज) टोल प्लाजा पर स्थानीय निवासियों से कथित रूप से जबरन टोल वसूली, गाली-गलौज तथा मारपीट की धमकी देने का मामला सामने आया है। इस संबंध में सम्पूर्ण समाधान दिवस केराकत में शिकायत देकर जांच एवं कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पूर्व जिलाधिकारी जौनपुर के आदेश के अनुसार टोल प्लाजा से 25 किलोमीटर की परिधि के भीतर रहने वाले स्थानीय निवासियों को टोल शुल्क से छूट प्रदान की गई थी। एनएचएआई वाराणसी की ओर से भी इस संबंध में पत्र जारी किया गया था, जिसके तहत डोभी एवं केराकत क्षेत्र के लोग टोल शुल्क से मुक्त थे।
बताया गया कि पुराने टोल संचालक का टेंडर समाप्त होने के बाद नई कंपनी द्वारा संचालन शुरू किया गया है। आरोप है कि वर्तमान टोल संचालक एवं मैनेजर द्वारा कुछ दबंग व्यक्तियों को तैनात कर स्थानीय लोगों से जबरन टोल वसूला जा रहा है। आधार कार्ड एवं स्थानीय पहचान पत्र दिखाने के बावजूद लोगों से अभद्रता की जा रही है तथा विरोध करने पर मारपीट की धमकी दी जा रही है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि वाराणसी रिंग रोड से आजमगढ़ रिंग रोड के बीच लगभग 17 किलोमीटर सड़क का निर्माण अधूरा है, बावजूद इसके ढेरही और कोटिला में दो स्थानों पर टोल वसूली की जा रही है। चंदवक बाजार, मोड़ैला और बजरंग नगर क्षेत्रों में भी सड़क निर्माण पूर्ण न होने के बावजूद वसूली जारी है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि टोल प्लाजा पर कार्यरत कर्मचारियों एवं कथित दबंगों का नाम और विवरण सूचना बोर्ड पर प्रदर्शित नहीं किया गया है। कर्मचारियों के पास यूनिफॉर्म एवं नाम पट्टिका भी नहीं है। साथ ही श्रम विभाग में पंजीकरण और पुलिस सत्यापन न कराए जाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि ओवरलोड एवं लोकल वाहनों से बिना रसीद नकद वसूली कर साइड बूथ से वाहनों को पास कराया जा रहा है। मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे विधिक रूप से धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्रशासन से मांग की गई है कि पूर्व में लागू स्थानीय छूट व्यवस्था को बहाल किया जाए तथा टोल संचालकों और कथित दबंगों के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए।











