संविधान बचाओ चेतना रैली का आयोजन 26 नवम्बर को
जय भीम पांच एकड़ से आगाज होगा संविधान बचाओ चेतना रैली का
संकल्प सवेरा प्रयागराज : जनपद प्रयागराज के विधानसभा बारा और कोरांव में आदिवासी समाज की दयनीय स्थिति से सभी राजनैतिक दलों सत्ता और विपक्षी पार्टियों के नेता ही नही जिले और प्रदेश के आला अफसर भी जानते है। आजादी के सात दशक बीत जाने के बावजूद इनकी समस्याओं के प्रति तनिक भी संवेदनशीलता किसी भी दल व नौकरशाहो ने नही दिखाई
इसी का परिणाम है कि आज भी प्रयागराज के विधानसभा बारा और कोरांव सहित प्रदेश के आदिवासी समाज समग्र विकास की मुख्यधारा में नही आ सका। 26 नवम्बर को सिविल लाइन स्थित पुराना जीजीआईसी प्रांगण में आयोजित संविधान बचाओं चेतना रैली के जिला संयोजक उच्च न्यायालय के अधिवक्ता कुमार सिद्धार्थ की यह पहल शायद समाज में विकास की मुख्य धारा से वंचित दलित आदिवासी समाज को कोई नई राह मिल सके।
सही मायने में सबका साथ सबका विकास यदि प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार चाहती है तो अंतिम पायदान पर खड़े आदिवासियों के लिए कोई ठोस नीति व कार्यक्रम बना कर कार्य करने की जरूरत है। उच्च न्यायालय के अधिवक्ता कुमार सिद्धार्थ एक ओर जहां रैली को सफल बनाने के लिये गांव गांव में जन सम्पर्क कर रहे है
वही दूसरी ओर यूपी के कोल को आदिवासी का दर्जा दिलाने तथा कोरांव और बारा विधानसभा को आदिवासियों के लिये सुरक्षित किये जाने के बाबत मध्य प्रदेश के समाजसेवी छोटू कोल, वीरेंद्र सिंह और आरती कोल, सते कोल, राजकुमारी आदि रीवा जिले में भी गांव गांव तैयारियां कर रहे है।












