पारिस्थितिकी तन्त्र की बहाली के लिए पर्यावरण संरक्षण आवश्यक:डाक्टर रणजीत सिंह
सुइथाकला| विगत एक वर्ष से कोरोनावायरस की बीमारी कोविड-19 से समूचा मानव जीवन जूझ रहा हैऔर सबकी समझ में शुद्ध ऑक्सीजन,जल व शुद्ध पर्यावरण का महत्व समझ में आ गया है। मानव जीवन के लिए पर्यावरण संरक्षण अत्यन्त आवश्यक है|उक्त बाते उत्तर प्रदेश भारत स्काऊट/गाइड के जिलामुख्यायुक्त व पूर्व प्रधानाचार्य डाक्टर रणजीत सिंह ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लोगों से एक अपील में की| उन्होने कहा कि प्रकृति ने पृथ्वी पर हमारी जरूरत(Need) की सारी चीजें दी लेकिन हमारी चाहत और लालच ने उसका जमकर दुरूपयोग किया।हम अपनी संस्कृति के अनुसार जरूरत को कम करें और प्रकृति के दोहन से बचें। इस वर्ष की संयुक्त राष्ट्र संघ की विश्व स्तर पर जो थीम है पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली(रेस्टोरेशन ऑफ इकोसिस्टम)।उसके लिए जल , वायु और भूमि को प्रदूषित होने से बचाएं अधिक से अधिक वृक्ष लगाएं बच्चे के जन्मदिन पर, बच्चे के पैदा होने पर, विवाह के अवसर पर या किसी खुशी में उसके नाम पर वृक्ष लगाएं एवं उसकी देखभाल करें।खाली स्थानों पर वृक्ष लगाए एक सामाजिक कोशिश करें, जल को संरक्षित करें, कचरे को साफ कर भूमि में जल को भेजें, तालाबों का पुनरुद्धार करें, नदियों को बचाएं ऑर्गेनिक खेती करें।इसके लिए उत्तर प्रदेश भारत स्काऊट गाइड ने “पर्यावरण प्रहरी” के नाम से 100 बच्चो का एक टास्क फोर्स गठित किया गया है|कोविड-19 के बचाव में यह महत्वपूर्ण कदम होगा।












