अविनाश बने सहायक कुल सचिव,यूपीपीसीएस 24 में चयनित प्रथम आगमन पर भव्य स्वागत
ढोल नगाड़े पर थिरकते युवक फूल माला से लाद दिए अविनाश को
सिकरारा संकल्प सवेरा (जौनपुर)।क्षेत्र के शेरवा गांव निवासी अविनाश कुमार सिंह उर्फ राजू के यूपीपीसीएस-2024 की परीक्षा में असिस्टेंट रजिस्ट्रार, स्टेट यूनिवर्सिटीज पद पर चयन होने के बाद शुक्रवार देर शाम पहली बार गांव पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। जैसे ही उनकी गांव में आमद हुई, ढोल-नगाड़े की गूंज पर थिरकते युवकों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया। महिलाओं ने अपने कुल के लाल की आरती उतारी और रोली चंदन लगाकर मंगल गीत गाए।
उनके बारे में बता दें कि अविनाश अपने पिता स्व डॉ अरविंद सिंह(लल्लन) पूर्व सीवीओ चंदौली के तीन पुत्रों में सबसे छोटे हैं। प्रयागराज रहकर कालेज की पढ़ाई के समय ही उनके सिर से पिता का साया उठ गया जबकि माता माधुरी सिंह का इससे पहले देहांत हो गया था फिर भी वे विचलित नहीं हुए और रींवा विश्व विद्यालय से एमए(भूगोल) के टॉपर बने।पिता की मौत के बाद प्रयागराज जिले के पशुपालन विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति मिली ।नौकरी में रहकर यूपीपीसीएस की परीक्षा में बैठते रहे ।कई बार असफल होने के बाद भी हिम्मत नहीं हारे ।अंततः इस परीक्षा में दूसरे प्रयास में सफ़लता मिली। शुक्रवार को गाँव पहुंचने पर लोगों ने उन्हें सर आँखों पर बैठा लिया।इस अवसर पर गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। बड़े भाई पंकज सिंह व विनय सिंह तथा भाभी पुष्पा व प्रियंका ने सभी का मुँह मीठा कराते हुए का आभार ज्ञापित किया
।स्वागत करने वालों में गाँव निवासी व राष्ट्रपति पुरष्कार प्राप्त सेवा निवृत्त शिक्षक लल्लन उपाध्याय,पूर्व सांसद धनन्जय सिंह के पूर्व प्रतिनिधि ओम प्रकाश सिंह, चंदौली के पूर्व डीडीओ इंद्रमणि तिवारी व वीडिओ राम नाथ यादव , बमभोले सिंह,अजय सिंह जेई, संजय सिंह एडवोकेट, रविन्द्र सिंह,अशोक सिंह,लोहिया सिंह, अतुल सिंह,पंकज सिंह,प्रमोद कुमार,बबलू मैनेजर,तथा ग्राम प्रधान भैया लाल व जवाहर गौतम प्रमुख रूप से शामिल रहे।
ग्रामीणों ने कहा कि अविनाश कुमार सिंह की इस सफलता से पूरे क्षेत्र का नाम रोशन हुआ है और यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। वहीं अविनाश ने अपनी सफलता का श्रेय आदर्श शिक्षक रहे दादा स्व राजपति सिंह व दादी स्व देव कली सिंह तथा गुरुजनों व शुभचिंतकों को देते हुए कहा कि निरंतर परिश्रम और समर्पण से कठिन से कठिन लक्ष्य भी प्राप्त किया जा सकता है।












