जौनपुर, संकल्प सवेरा। दिलों को जोड़ने का नाम है मानव एकता और यह संभव होता है परमात्मा के बोध से। परमात्मा की जानकारी होते ही पता चल जाता है कि हम सब एक हैं।यह उद्गार निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने आज वर्चुअल रूप में आयोजित मानव एकता दिवस पर संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
संत निरंकारी मिशन के बाबा गुरबचन सिंह जी को 24 अप्रैल 1980 के दिन संसार में मानव एकता, अमन,चैन का वातावरण स्थापित करते हुए सत्य की बलिवेदी पर अपने प्राणों की आहुति देनी पड़ी थी। उनके तप- त्याग से परिपूर्ण जीवन एवं शिक्षाओं से प्रेरणा लेने के लिए संत निरंकारी मिशन की ओर से यह दिन मानव एकता दिवस के रूप में पूरे विश्व में मनाया जाता है। इस वर्ष वर्चुअल रूप में आयोजित मानव एकता समागम का लाभ पूरे विश्व में फैले लाखों निरंकारी भक्तों ने मिशन की वेबसाइट के माध्यम से प्राप्त किया।
सतगुरु माता सुदीक्षा जी ने आगे कहा कि आत्मा और परमात्मा का जब मिलन हो जाता है मानव-मानव के बीच में जाति- पाति, ऊंच-नीच जैसा कोई फर्क नजर नही आता बल्कि हर किसी की सेवा एवं मदद करने का भाव पैदा होता है। इसका व्यावहारिक रूप पिछले एक वर्ष से दिख रहा है की कोरोना महामारी के संकट के दौरान मिशन के श्रद्धालु भक्तों ने विभिन्न रूपों में लगातार मानवता की सेवा में अपना योगदान दिया है।
मानवता की निष्काम सेवाओं का एक और उदाहरण यह है कि दो-तीन दिन पहले ही मिशन की ओर से बुराड़ी रोड दिल्ली पर स्थित ग्राउंड नं.8 पर बने संत निरंकारी सत्संग भवन में दिल्ली सरकार के सहयोग से बना 1000 से भी अधिक बेड का कोविड ट्रीटमेंट सेंटर पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ मानवता की सेवा के लिए समर्पित किया जा रहा है।
सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने इस कोविड ट्रीटमेंट सेंटर का अवलोकन किया और इस अवसर पर निरंकार प्रभु से यही प्रार्थना की कि जो भी इस सेंटर में उपचार ले उसे स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो। साथ ही साथ दुनिया पर छाया हुआ कोरोना महामारी का संकट जल्द से जल्द दूर होने के लिए भी सतगुरु माता जी ने अरदास की।
उक्त जानकारी स्थानीय मीडिया सहायक उदय नारायण जायसवाल ने दिया।












