युवा शक्ति के संगठन से ही बनेगा सशक्त भारत, राष्ट्रहित के प्रति समर्पण जरूरी : धनंजय सिंह
जौनपुर में निकली राष्ट्रवादी नौजवान सभा की भव्य जन एकता यात्रा, पूर्व सांसद धनंजय सिंह के नेतृत्व में उमड़े युवा, एमएलसी बृजेश सिंह ‘प्रिंशु’ भी रहे शामिल
जौनपुर। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर शनिवार को जौनपुर में राष्ट्रवादी नौजवान सभा की ओर से भव्य जन एकता यात्रा निकाली गई। लगातार तीसरे वर्ष आयोजित इस यात्रा में युवाओं का उत्साह और समाज के विभिन्न वर्गों की व्यापक सहभागिता देखने को मिली। राष्ट्रवादी नौजवान सभा के संस्थापक एवं पूर्व सांसद धनंजय सिंह के नेतृत्व में निकली इस यात्रा में विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह ‘प्रिंशु’ समेत बड़ी संख्या में युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग शामिल हुए।
यात्रा का शुभारंभ मोहम्मद हसन इंटर कॉलेज से हुआ। यहां से यात्रा चहारसू चौराहा, ओलंदगंज चौराहा, जेसीज चौराहा और टीडी कॉलेज होते हुए महाराणा प्रताप व्यायामशाला पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। यात्रा के दौरान युवाओं में खासा उत्साह नजर आया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को एकजुट करना, सामाजिक एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करना तथा राष्ट्रहित के प्रति युवाओं को जागरूक करना रहा।
इस अवसर पर पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने कहा कि युवा केवल देश का भविष्य नहीं हैं, बल्कि वे वर्तमान की सबसे बड़ी शक्ति भी हैं। किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। जब युवा संगठित, जागरूक और अपने विचारों के प्रति प्रतिबद्ध होते हैं, तभी समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव पड़ती है। उन्होंने कहा कि जन एकता यात्रा महज एक आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं को एक मंच पर लाने और उन्हें सामाजिक तथा राष्ट्रीय जिम्मेदारियों का एहसास कराने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि समाज में भाईचारा, सामाजिक समरसता और आपसी सद्भाव बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए प्रत्येक युवा को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए। राष्ट्रवादी विचारधारा केवल भाषणों और नारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका प्रभाव व्यक्ति के आचरण, व्यवहार और सामाजिक दायित्वों में भी दिखाई देना चाहिए।
धनंजय सिंह ने युवाओं को सामाजिक बुराइयों से दूर रहने का संदेश देते हुए कहा कि नशा युवाओं की ऊर्जा और क्षमता को कमजोर करता है। इसलिए युवाओं को नशे से दूर रहकर शिक्षा, अनुशासन, सकारात्मक सोच और रचनात्मक कार्यों को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। नशामुक्त युवा, जागरूक समाज और संगठित राष्ट्र ही सशक्त भारत के निर्माण की मजबूत आधारशिला बन सकते हैं।
उन्होंने संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि संविधान के मूल्यों और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। समानता, न्याय और बंधुत्व की भावना को अपनाकर ही एक मजबूत और समरस समाज का निर्माण किया जा सकता है। समाज में एकता और सद्भाव कायम रखते हुए संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप आगे बढ़ना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के अंत में धनंजय सिंह ने यात्रा में शामिल विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह ‘प्रिंशु’, युवाओं, वरिष्ठजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, नागरिकों और आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि जन एकता यात्रा का उद्देश्य केवल एक दिन का आयोजन करना नहीं, बल्कि युवा शक्ति को संगठित कर राष्ट्रहित के प्रति समर्पित करना और सामाजिक बदलाव की दिशा में निरंतर प्रयास करना है। उन्होंने युवाओं से एकजुट होकर समाज और देश के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
















