युवाओं के शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन ने शिक्षा मंत्री को इस्तीफ़ा दिलवाया
यह जीत किसी एक संगठन या व्यक्ति की नहीं, बल्कि देश के हर उस छात्र और युवा की है: अरविंद
प्रयागराज , संकल्प सवेरा। 25 जुलाई 2026 को प्रयागराज के युवाओं ने यह साबित कर दिया कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन को धार इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शहीद लाल पद्मधर ने छात्र जीवन मे बिगुल फूंका था उसी प्रकार इलाहाबाद का युवा व
देश के करोड़ों युवाओं ने अपने साहस, संघर्ष और एकजुटता के बल पर कुंभकर्ण की नींद में सोई हुई सरकार को जगाने का काम किया। युवाओं के शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन ने शिक्षा मंत्री को इस्तीफ़ा देने के लिए मजबूर कर दिया।
पेपर लीक के ख़िलाफ़ शुरू हुई यह लड़ाई केवल परीक्षा की निष्पक्षता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर युवा के सम्मान, उसके भविष्य और रोजगार के अधिकार की लड़ाई है। यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक देश के हर युवा को ईमानदारी, पारदर्शिता और समान अवसर नहीं मिल जाते।

अरविंद कुमार सरोज एडवोकेट हाईकोर्ट ने कहा कि –
यह जीत केवल किसी एक संगठन या व्यक्ति की नहीं, बल्कि देश के हर उस छात्र और युवा की है जिसने अन्याय के ख़िलाफ़ अपनी आवाज़ बुलंद की। यह आंदोलन साबित करता है कि जब युवा एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए खड़े होते हैं, तो सबसे बड़ी व्यवस्था को भी झुकना पड़ता है।













