भगवान की लीलाओं को विश्वास से सुनें, तर्क का कोई स्थान नहीं
सभी का स्वागत समाजसेवी व भाजपा नेता ज्ञानप्रकाश सिंह ने किया
जौनपुर,संकल्प सवेरा। सेवा भारती की ओर से बीआरपी इंटर काॅलेज के मैदान पर चल रही श्रीराम कथा में कलश यात्रा के दूसरे दिन आचार्य शांतनु महाराज ने कहा कि इस धरा धाम पर जब-जब असुरों के अत्याचार बढ़ते हैं, तब-तब प्रभु अवतार लेकर भक्तों को उनके संताप से मुक्त करते हैं। भगवान की लीलाओं को भक्ति व विश्वास से सुनना चाहिए। इसमें तर्क का कोई स्थान नहीं है।
भगवान श्रीराम के जन्म के अनेक कारणों को सुनाया। कहा कि भगवान की घोषणा है कि जो भी भक्त सब कुछ त्याग कर उनका भजन करते हैं प्रभु उनकी रक्षा उसी प्रकार करते हैं। जैसे मां अपने बच्चे की रक्षा करती हैं।
मनु एवं शतरूपा के प्रसंग को सुनाते हुए कहा कि मनु महाराज ने जीवन के अंतिम समय में सब कुछ त्याग कर हरि भजन का मार्ग चुना
हम सब का भी यही दायित्व है कि अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह करते हुए भगवान के भजन में मन लगाए। देवताओं की करुण पुकार को सुनकर भगवान ने सबको आश्वासन दिया कि मैं अब नर रूप में धरती पर अवतरित होने वाला हूं।

सभी देवता प्रभु की जय जय कार करने लगे। गोस्वामी जी ने अयोध्या की महिमा को गाया है, संपूर्ण अयोध्यावासी भगवान की आराधना कर रहे हैं और गोस्वामी जी ने भगवान के जन्म की तिथि घोषित कर दी। पूरे अयोध्या में बधाइयां बजने लगी। दशरथ जी मगन होकर प्रजाजनों को न्योछावर करने लगे और पूरा वातावरण राममय हो गया। कथा में आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु,

महराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री कृपाशंकर सिंह,विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह प्रिंसू, विधायक रमेश सिंह, संघ के वरिष्ठ प्रचारक अशोक उपाध्याय, विहिप के राष्ट्रीय सह मंत्री अम्बरीष, विद्यासागर सोनकर, पूर्व विधायक सुरेंद्र प्रताप सिंह रामदयाल दृवेदी, देवी सिंह शैलेन्द्र सोनकर,शिवा रगुवंशी, बबलू दुबे आदि रहे।सभी का स्वागत समाजसेवी व भाजपा नेता ज्ञानप्रकाश सिंह ने किया।













