जौनपुर,संकल्प सवेरा। कोरोना संक्रमण के दौरान परिवारों के टूट कर बिखर जाने का मामला रुकने का नाम नहीं ले रहा है. एक तरफ जहां कोरोना के संक्रमण के कारण लोग मर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ गंभीर बीमारियों की चपेट में आने के बाद मौत का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है.
ताजा मामला जौनपुर का है. जौनपुर के मीरगंज के निवासी दुर्बली राम बिंद का रविवार को निधन हो गया था. मूल रूप से वह मेदपुर बनकट गांव के निवासी थे. परिजनों द्वारा उनका अंतिम संस्कार प्रयागराज के फाफामऊ में किया गया था. उनकी अंतिम क्रिया को अभी 12 घंटे भी नहीं बीते थे कि उनकी पत्नी ने भी दम तोड़ दिया. इस घटना से उनके गांव में कोहराम मच गया है.
मछलीशहर लोकसभा सीट से 1996 में दुर्बली राम बिंद ने बसपा के टिकट से लोकसभा चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में वह दूसरे नंबर पर थे. काफी लंबे समय से उनका स्वास्थ्य खराब चल रहा था. बीमारी के चलते उनकी मौत रविवार को हो गयी. परिजनों द्वारा उनका अंतिम संस्कार प्रयागराज के फाफामऊ घाट पर किया गया.
70 वर्षीय दुर्बली राम बिंद का अंतिम संस्कार कर परिजन जब देर शाम घर पहुंचे तो उनकी 65 वर्षीय पत्नी शांति देवी ने भी दम तोड़ दिया. 12 घंटे के भीतर पति-पत्नी की मौत से घर में कोहराम मच गया. पूरा गांव सकते में आ गया. पत्नी का भी अंतिम संस्कार प्रयागराज के फाफामऊ घाट पर किया गया.












