शहीदों के लिए पृथ्वी का कागज, समुद्र की स्याही हिमालय की कलम भी कम पड़ जाएगी: कृपाशंकर सिंह
शहीदों को नमन कर बोले कृपाशंकर सिंह—जब तक रहूंगा, हर वर्ष आकर दूंगा श्रद्धांजलि
धनियामऊ शहीद स्मारक पर क्रांति दिवस समारोह,
जौनपुर, संकल्प सवेरा। धनियामऊ स्थित शहीद स्मारक पर 16 अगस्त को क्रांति दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि एवं स्मृति समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री एवं भाजपा के जौनपुर प्रत्याशी रहे कृपाशंकर सिंह ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर अमर शहीदों को नमन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृपाशंकर सिंह ने कहा कि 9 अगस्त को मुंबई से अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत हुई थी। उस समय “करो या मरो” का नारा देशभर में गूंजा और स्वतंत्रता आंदोलन ने नई ऊर्जा प्राप्त की। उन्होंने कहा कि जौनपुर की धरती से भी इस आंदोलन में जो पहली चिंगारी निकली, उसका नाम शहीद जमीदार सिंह से जुड़ा है। उनके साथ शहीद रविदास सिंह, रामानंद रघुराई और राम पदारथ रघुराई जैसे वीरों ने भी देश की आजादी के लिए अपना योगदान दिया।
उन्होंने शहीद जमीदार सिंह के बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनके योगदान का वर्णन करने के लिए पृथ्वी का कागज, समुद्र की स्याही और हिमालय की कलम भी कम पड़ जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के इन अमर सेनानियों की गाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कृपाशंकर सिंह ने कार्यक्रम में संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि “मैं जब तक रहूंगा, तब तक आज के दिन यहां आकर शहीदों को नमन करता रहूंगा।” उन्होंने यह भी कहा कि शहीदों के इतिहास को संरक्षित करने और लोगों तक पहुंचाने के लिए जल्द ही डॉ. आर.एन. त्रिपाठी के सहयोग से शहीदों पर तैयार पुस्तक का विमोचन किया जाएगा। धनियामऊ पुल कांड के ऐतिहासिक घटनाक्रम को भी याद किया गया। उपलब्ध विवरण के अनुसार 16 अगस्त 1942 को दोपहर करीब 2 बजे से 4 बजे के बीच क्षेत्रीय स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं की गतिविधियां तेज हुई थीं। क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं का उद्देश्य बक्शा और बदलापुर थानों पर कब्जा करना था। इसी दौर में धनियामऊ की धरती स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्ष और बलिदान की महत्वपूर्ण गवाह बनी।
कार्यक्रम को डॉ. आर.एन. त्रिपाठी, पूर्व सदस्य लोक सेवा आयोग, ने भी संबोधित किया। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के स्थानीय इतिहास, शहीदों के योगदान और उनके संघर्षों को भावी पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर शहीद जमीदार सिंह के प्रपौत्र डॉ. विक्रम ने मुख्य अतिथि कृपाशंकर सिंह का स्वागत किया। समारोह में उपस्थित लोगों ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों को श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में उद्योगपति राजेश मशाला के राजेश अग्रहरि, श्याम राज सिंह, युवा नेता मुकेश सिंह, विकास सिंह, पंकज कौशिक, डॉ. राजेश सिंह, रमेश, पवन, विवेक यादव सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।












