कही जर्जर तार,तो कही स्कूल के प्रांगण से गुजर रहे तार
विद्युत विभाग की मार झेल रहे आमजन व स्कूली बच्चे,शिकायत के बाद भी नही होती कार्यवाई
संकल्प सवेरा,जौनपुर। विद्युत विभाग की उदासीनता से आमजन को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, विधायक और मंत्रियों के निर्देश मिलने के बाद भी विद्युत विभाग की जिम्मेदार मौन साधे हुए हैं लोगों की शिकायत करने के बाद भी विद्युत विभाग कार्रवाई करने में विफल हो जाता है। विद्युत विभाग के अधिकारी शिकायत मिलने पर कभी बजट ना होने तो कभी कार्रवाई करने का आश्वासन देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं

करंजाकला स्थानीय क्षेत्र के सिद्धिकपुर जमुहाई मार्ग पर स्थित एक निजी स्कूल से कोठवार बाजार तक लगभग 1 किलोमीटर तक 220 वोल्ट का तार लगाया गया है। जो जर्जर होने के कारण आए दिन सड़क पर गिरता रहता है।इस मार्ग से हो कर गुजरने वाले राहगीरों को फूंक-फूंक कर कदम रखना पड़ता है।सिद्धिकपुर गांव में बीते शुक्रवार को दोपहर अचानक 220 वोल्ट विद्युत तार सड़क से होकर गुजर रहे एक राहगीर के ऊपर गिर गया।
अच्छा था कि उस समय विद्युत सप्लाई बंद थी अन्यथा बड़ी घटना हो जाती ग्रामवासियों ने कई बार जर्जर तार को बदलने के लिए विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से शिकायत की लेकिन कार्रवाई के नाम पर अधिकारियों से सिर्फ आश्वासन ही हम लोगों को मिल पाता है। बार-बार विद्युत तार टूटने से हम सबको बराबर बिजली भी नहीं मिल पाती है।
सिद्धिकपुर के दुकानदार ने कहा जर्जर तार की मरम्मत कराते कराते हम सबकी जेब ढीली पड़ गई है हर महीने में कम से कम दो बार जर्जर तार की मरम्मत करानी पड़ती है। बार-बार जर्जर तार टूटने के कारण सरकारी लाइनमैन भी मरम्मत के लिए आने से कतराते हैं जिसके कारण हम सबको प्राइवेट लाइनमैन को एक अच्छी रकम देनी पड़ती है।
जर्जर तार को बदलने के लिए हम सब ने विद्युत विभाग के जेई को कई बार अवगत कराया लेकिन आज तक कोई भी इस क्षेत्र की सुध लेने नहीं पहुंचा तार टूटने से कई घंटों बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है जिससे दुकान के काम काज को करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। छोटी सी दुकान से हमारे परिवार का गुजर-बसर होता है। ऊपर से हर महीने बिजली बिल और मरम्मत कराने का खर्च सीधा हम सब के जेब पर असर डाल रहा है।
करंजाकला विकास क्षेत्र के बहाउद्दीनपुर मे बने प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण से होकर 11,000 वोल्ट का हाईटेंशन तार गुजरा है। जो किसी भी समय टूटकर प्रांगण में गिर सकता है। अगर समय रहते इस हाईटेंशन तार को लेकर विद्युत विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो इससे बड़ी क्षति हो सकती है। बहाउद्दीनपुर गांव में बने प्राथमिक विद्यालय में प्रतिदिन करीब 70 से 80 बच्चे पठन-पाठन का कार्य करते हैं ऐसे में प्रांगण के ऊपर से होकर गुजरने वाला हाईटेंशन तार बच्चों के सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। प्राथमिक विद्यालय बहाउद्दीनपुर के प्रधानाध्यापक अरविंद कुमार यादव ने विद्युत तार को हटवाने और सुरक्षा हेतु विद्युत तार के नीचे जाली लगवाने के लिए कई बार विभाग को पत्र लिखा लेकिन कोई विकल्प नहीं निकल सका,
कभी बजट नही होने का कारण तो कभी कागजी कार्रवाई करके अधिकारी अपना पल्ला झाड़ लेते हैं प्रधानाध्यापक अरविंद कुमार ने बताया कि अगर समय रहते इस हाई टेंशन तार को नहीं हटाया गया या फिर तार के नीचे जाली नहीं बांधी गई तो किसी दिन यह टूटकर प्रांगण में गिर सकता है और इससे बड़ी घटना घट सकती है।












