जौनपुर,संकल्प सवेरा : बक्शा विकास खंड के डार्क जोन होने के बावजूद सरकारी अमला बे-परवाह है। इसका प्रमाण है पांच साल पूर्व अतिक्रमण मुक्त कराए गए सराय विभार में 52 बीघा तालाब की खोदाई न कराना। इसके चलते जल संकट और गहराता जा रहा है। वर्ष 2015 में इस तालाब पर काबिज दर्जनों लोगों के नाम खारिज करके इसे तालाब की भूमि घोषित किया गया था। तालाब के उत्तरी पश्चिमी भाग पर मेड़बंदी कराई गई थी, लेकिन तत्कालीन जिलाधिकारी ने तालाब की खोदाई का काम रोकवा दिया था। उस समय लघु सिचाई विभाग से खोदाई करवाने के लिए ग्राम पंचायत से प्रस्ताव मांगा गया था। ग्राम पंचायत से प्रस्ताव मिलने के वर्षों बाद लघु सिचाई विभाग ने इस तालाब का सर्वे करके प्रस्ताव तैयार कर जिलाधिकारी को प्रस्तुत किया था, लेकिन तालाब की खोदाई शुरू नहीं हो सकी। निर्वतमान ग्राम प्रधान मंजू शैलेंद्र पांडेय का कहना है कि तालाब की खोदाई होने पर जल संरक्षण में मदद मिलेगी। किसान पृथ्वीपाल मौर्या का कहना है प्राचीनकाल में इस तालाब की काफी महत्ता थी। कमल के फूल खिलने के साथ पक्षियों का बसेरा होता था, लेकिन उपेक्षा की वजह से सब बेकार हो गया।











