जन शिकायतों के निस्तारण में मनमानी
रिपोर्ट अरविंद सिंह बेहोश जौनपुरी
बिना मौके पर गये ही क्षेत्राधिकारी ने की जांच

जौनपुर,संकल्प सवेरा। मुख्यमंत्री द्वारा जनशिकायतों के निस्तारण हेतु अधिकारियों को बार-बार निर्देश दिये जाते हैं परंतु अधिकारी हैं कि सुधरने को तैयार नहीं। अनेक प्रकरणों में ऐसा भी देखने में आया है कि जिस अधिकारी के विरूद्ध शिकायत की जाती है उसकी जांच उसी को सौंप दी जाती है। उसी की रिपोर्ट पर शिकायती प्रार्थना पत्रों का दफ्तर में बैठे-बैठे निस्तारण कर दिया जाता है।
शिकायतकर्ता से मिले बिना एंव बगैर मौके पर गये ही अधिकारीगण शिकायती पत्रों को निबटा देते हैं। ऐसा ही प्रकरण थाना लाइन बाजार अन्र्तगत ग्राम मदारपुर से संबंधित है। इसमें ग्रामीणों द्वारा शिकायत की गयी कि आवासीय स्थल से मात्र दो सौ मीटर दूरी पर मुर्गी फार्म खोला गया है जबकि इसे आबादी से 500 मीटर की दूरी पर होना चाहिये।
थानेदार ने विपक्षी से घूस लेकर इसे आवासीय स्थल से एक किमी दूर दिखाया गया। पुनः मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की गयी तो क्षेत्राधिकारी नगर को जांच मिली। क्षेत्राधिकारी बगैर मौके पर गये थाने द्वारा दी गयी गलत आख्या को सही मानकर प्रार्थना पत्र निस्तारित कर दिया।












