कोलकाता। रूस के हमले से दुनियाभर में रह रहे यूक्रेनी चिंता में हैं। इनमें बंगाल की यूक्रेनी बहू इरीना भी शामिल हैं। इरीना 2009 में भारतीय से शादी के बाद कोलकाता आ गई थीं। इरीना इस वक्त दिन-रात ईश्वर से अपने मायके वालों की सलामती के लिए प्रार्थना कर रही हैं। इरीना ने कहा- ‘मायका बहुत दूर होने के कारण बार-बार वहां जाना संभव नहीं हो पाता। दो-तीन साल में एक बार जा पाती हूं। अभी मन कर रहा है कि जल्दी से वहां पहुंच जाऊं लेकिन कोई उपाय नहीं है। अपने मायके वालों की सलामती के लिए ईश्वर से दिन-रात प्रार्थना कर रही हूं। ईश्वर मेरे परिवार, मेरे देश की रक्षा करें
यूक्रेन में इरीना के माता-पिता, बीमार दादी और छोटा भाई है। छोटा भाई पहले यूक्रेन की सेना में ही था। लड़ाई छिडऩे के कारण उसे फिर से सेना में शामिल होने को कहा गया है। इरीना की शादी सौरव दे से हुई थी। पेशे से चिकित्सक सौरव दे 2008 में यूक्रेन के ट्राफिकल नेशनल मेडिकल कालेज में पढ़ने गए थे। वहीं उनकी इरीना से मुलाकात हुई थी। दोनों एक-दूसरे को दिल दे बैठे और शादी के अटूट बंधन में बंधने का निर्णय लिया। 2009 में दोनों का विवाह हुआ। तब से इरीना दमदम पार्क इलाके में बंगाली बहू बनकर रह रही हैं।
इरीना ने कहा कि ईसाई होने पर भी वे हिंदू रीति-रिवाजों का पूरी तरह से पालन करती हैं। उनके पति सौरव ने कहा कि वे भी लगातार अपने ससुरालवालों की स्थिति जानने के लिए वहां फोन कर रहे हैं। कल सारा दिन फोन करने के बाद एक बार लाइन मिली थी। वहां अभी बिजली नहीं है। टेलीफोन सेवा ठप पड़ी है। उनके ससुरालवाले अभी अपने घर में ही हैं लेकिन खाने-पीने का अभाव पैदा हो गया है। एटीएम में रुपये नहीं हैं। यूक्रेन सरकार किसी को कहीं जाने नहीं दे रही इसीलिए उन्हें यहां लाना भी मुश्किल है।












