खेतासराय(जौनपुर)24 फ़रवरी यूक्रेन पर हमला करने की वजह से स्थानीय थाना क्षेत्र के शाहापुर गांव निवासी डॉ गजेंद्र पांडेय की पुत्री गरिमा पांडेय डेनिप्रो शहर में फंसी हुई है।वह एमबीबीएस की चतुर्थ वर्ष की छात्रा है।पूरा परिवार चिंतित है, सलामती की दुआ के साथ भारत सरकार से सुरक्षित लाए जाने की मांग कर रहा है।
गुरुवार की सुबह भारतीय समयानुसार यूक्रेन पर हमला कर दिया। युद्ध के हालात के बीच कई भारतीय छात्र यूक्रेन में फंसे गए हैं। इस में से एक है जौनपुर के खेतासराय क्षेत्र के शाहापुर गांव निवासी डॉक्टर गजेंद्र पांडेय की पुत्री गरिमा पांडेय है।
वह यूक्रेन के डेनिप्रो यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष की छात्रा है। यूक्रेन पर हमले की खबर से माता-पिता समेत अन्य परिजन चिंतित हैं। हर समय उसके कुशल क्षेम के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं। पिता गजेंद्र पांडेय ने भारत सरकार से बेटी समेत अन्य भारतीय क्षेत्रों को सुरक्षित लाने की मांग की है।
गजेंद्र पांडेय के मुताबिक, यूक्रेन में हालात बिगड़ने से पहले ही वो बेटी को वापस लाने की जुगत में जुट गए थे। गरिमा की सकुशल फ्लाइट से वापसी के लिए उन्होंने 60000 रुपया भी यूक्रेन भेज दिया था। गरिमा को तीन मार्च को यूक्रेन के ओडेसा से वाया दोहा कतर होते हुए दिल्ली वापसी की फ्लाइट का टिकट भी मिल गया था। लेकिन आज जब बात हुई तो पता चला की रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया है।
इस कारण ज्यादातर एयरपोर्ट बंद कर दिए गए हैं। कुछ छात्रों को एयरपोर्ट से भी लौटा दिया गया है।
डॉक्टर गजेंद्र पांडेय ने कहा कि भारतीय छात्रों के भविष्य को देखते हुए तत्काल भारत सरकार को सक्रिय होना चाहिए। उन्होंने सरकार से यूक्रेन संकट में फंसे छात्रों की मदद की गुहार लगाई। यूक्रेन के ताजा माहौल को देखते हुए वे भारतीय अभिभावक बेहद चिंतित हैं जिनके कलेजे के टुकड़े वहां पढ़ने के लिए गए हुए हैं।
एम्बेसी से सम्पर्क में रहने को कहा गया: गरिमा
खेतासराय(जौनपुर)। यूक्रेन के डेनिप्रो में फंसी गरिमा ने अपने पिता को बताया कि हमें अपने कमरे में ही रहने और दूतावास से संपर्क में रहने को कहा गया है। एटीएम और खाने पीने की सामग्री की दुकानों पर मारामारी की स्थिति है।फिलहाल बेटी के लिए पूरा परिवार सोशल मीडिया के साथ टीवी पर नज़र गड़ाए हुआ है।गांव वासी भी सलामती की प्रार्थना कर रहे है।













