निषाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव ने दिया इस्तीफा
सामंतवादियों को बेचा गया चुनावीः डा. सूर्यभान यादव
गभिरन,संकल्प सवेरा (जौनपुर) 19 फरवरी निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आम दल (निषाद) नामक राजनैतिक दल का निर्माण बुनियादी जनभावनाओं को अंगीकृत करके किया गया था लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. संजय निषाद द्वारा उसके विपरीत दिशा में पार्टी को ले जाया जा रहा है। इतना ही नहीं, दलितों व पिछड़ों के हक-अधिकार को सामंतवाद एवं पूंजीवाद के चरणों में पार्टी को गिरवी रखने का काम डा. संजय निषाद द्वारा किया जा रहा है।
उक्त बातें निषाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डा. सूर्यभान यादव ने प्रेस को जारी बयान में कही। साथ ही उन्होंने इसी से क्षुब्ध होकर अपना इस्तीफा पार्टी हाईकमान को लिखित रूप से दे दिया। उन्होंने कहा कि सामंतवादी व्यवस्था से लड़ने के लिए निषाद पार्टी में शामिल हुआ था परंतु धन के लालच में आकर पार्टी प्रमुख डा. संजय निषाद ने सभी टिकट सामंतवादी व्यवस्था वालों को बेच दिया।
श्री यादव ने कहा कि वीरांगना फूलन देवी की कर्मभूमि कालपी विधानसभा की सीट किसी पिछड़े को टिकट न देकर सामंतवादी व्यक्ति के हाथों में देकर करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाया गया है। डा. यादव ने कहा कि गरीब, पिछड़े, दलित, वंचित समाज की भावना को ठेस पहुंवाने वाले संगठन में रहने का कोई औचित्य नहीं है।
ऐसे में मैंने राष्ट्रीय महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पद सहित पार्टी की सदस्यता से त्याग पत्र दे दिया जिसकी लिखित सूचना पार्टी हाईकमान को भी दे दिया है।












