संकल्प सवेरा। समाजवादी पार्टी (सपा) ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह का वीडियो वायरल कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हमला बोला है। जिसमें जौनपुर के पूर्व सांसद मैच खेलते नजर आ रहे हैं, जो लखनऊ में अजीत सिंह हत्याकांड में फरार चल रहे हैं। इस मामले में धनंजय सिंह पर 25 हजार का इनाम घोषित है। अजीत सिंह हत्याकांड में लखनऊ के विभूति खंड थाने की पुलिस ने पूर्व सांसद को साजिशकर्ता के रूप में आरोपी बनाया है।
समाजवादी पार्टी के ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया गया कि फर्क साफ है, मुख्यमंत्री से जुड़े माफिया क्रिकेट खेल रहे हैं। 25000 रुपये के इनामी माफिया धनंजय सिंह सत्ता के संरक्षण में पुलिस की नाक के नीचे खुले आसमान में खेल का मजा ले रहे हैं। डबल इंजन की सरकार के बुलडोजर को इनका पता मालूम नहीं है। जनता सब देख रही, बाईस में भाजपा साफ
आगे लिखा है कि वांटेड अपराधी खुलेआम क्रिकेट खेल रहा है, पुलिस खोज रही मगर मिल नहीं रहा? क्यों? क्योंकि अपराधी मुखिया मुख्यमंत्री का खासमखास है और एक क्रूर व शातिर अपराधी किसका खास होता है? वो मौसेरे भाई भाई वाली कहावत तो सबने सुनी ही होगी!

आगे कहा कि जो भगोड़ा है, वो CM का लाडला है? हजारों एनकाउंटर कर दिए गए, तमाम निर्दोषों को सिर्फ वाहवाही लूटने के लिए अपराधी घोषित करके उनकी जान ले ली गई। अगर विपक्षी दल पीड़ित परिवार का सहयोग न करते तो कानपुर के मनीष गुप्ता को भी ये सरकार एनकाउंटर ही बताती, लेकिन भगोड़ा आज भी आजाद है
वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लिखा बाबा जी अपने करीबी नालबद्ध माफियाओं के टॉप-10 की सूची बनाकर एक टीम बना लें और आईपीएल की तरह एक ‘एमबीएल’ मतलब ‘माफिया भाजपा लीग’ शुरू कर दें। शहर के पुलिस कप्तान तो उनके लिए पिच बिछाए बैठे ही हैं और टीम कप्तान वो खुद हैं ही… हो गए पूरे ग्यारह।
क्या है अजीत सिंह हत्याकांड
पिछले साल यानी 4 जनवरी 2021 को लखनऊ के विभूतिखंड में कठौता चौराहे के पास अजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने अजीत सिंह पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी और करीब 20 से 22 गोलियां दागी थीं। इस मामले में कई आरोपी गिरफ्तार हुए थे और इसी में धनंजय सिंह का भी नाम आया था। इसके बाद पुलिस ने धनंजय सिंह को भगोड़ा घोषित किया था और गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम रखा था साभार अमर उजाला ।












