प्राचीनतम विरासत योग को जन जन तक पहुंचाने में योग गुरु बाबा रामदेव की है महति भूमिकाएं
युवाओं को कैरियर बनानें में मददगार है योग-अचल हरीमूर्ति
संकल्प सवेरा जौनपुर। गुफाओं और कन्दराओं से निकालकर भारत की प्राचीनतम विरासत योग को एक महाअभियान के तहत जन जन तक पहुंचाने में योग गुरु बाबा रामदेव नें महति भूमिकाओं को निभाया है। आज की भौतिकता से युक्त जीवन शैली में नियमित और निरन्तर योगाभ्यासों को करके जीवन को ही संतुलित किया जा सकता है।
यह बातें पतंजलि योग समिति के तत्वावधान में नगर स्थित मंगलम् मैरेज हॉल में चल रहे योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर में बतौर मुख्य अतिथि जौनपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष कपिलदेव मौर्य ने बुधवार को कही है।
इसके पहले योग के सैद्धांतिक पक्षों के साथ क्रियात्मक योगाभ्यासों को कराते हुए पतंजलि योग समिति के प्रान्तीय सह प्रभारी अचल हरीमूर्ति के द्वारा विविध प्रकार के आसन,ध्यान, व्यायाम और प्राणायामों को कराते हुए उनसे मनोदैहिक लाभों को बताया।
उन्होंने कहा कि बिना योगाभ्यास किये किसी भी व्यक्ति के सम्पूर्ण स्वास्थ्य की संकल्पना ही नहीं की जा सकती है। योग ही स्वास्थ्य का मूलाधार है।
श्री हरीमूर्ति के द्वारा युवाओं से आह्वान किया गया है कि वह अपनें कैरियर को योग के क्षेत्र में लगायें और अपनी इस विरासत को उसके मूल स्वरुप में पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित करने में अपनी महति भूमिकाओं को निभायें।
इस मौके पर भारत स्वाभिमान के प्रभारी शशिभूषण, अधिवक्ता हरीनाथ यादव, नवीन द्विवेद्वी, राजीव सिन्हा,डा शैलेश सिंह,डा हेमंत, संजय सिंह,डा ओपी यादव, उदय प्रताप सहित अन्य साधक उपस्थित रहे।












