संकल्प सवेरा,लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही महीने रह गए हैं. ऐसे में सियासी दल जोड़ तोड़ और नए समीकरण बनाने में जुट गए हैं. एक दिन पहले बसपा के बागी विधायकों द्वारा सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की गई. नई पार्टी बनने की सुगबुगाहट भी रही.
इस बीच कांग्रेसपार्टी ने साफ कर दिया है कि वह इस बार उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में गठबंधन के मूड में नहीं है. यूपी में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू साफ कहते हैं कि पिछले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करके कांग्रेस को भारी नुकसान उठाना पड़ा था.
यूपी कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष यूपी अजय कुमार लल्लू ने बुधवार को कहा कि समाजवादी पार्टी से गठबंधन का दंश पहले झेल चुके हैं. जनता के आक्रोश का खामियाजा हमें सपा के गठबंधन की वजह से झेलना पड़ा है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी समझौता करेगी लेकिन जनता के सवालों से, जनता की मांगों से, महिलाओं, बुजुर्गों और किसानों से समझौता होगा हमारा. प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान से साफ हो रहा है कि कांग्रेस यूपी में अभी समझौते के मूड में नहीं है.
‘विपक्ष की भूमिका से गायब रही सपा’
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सपा के 48 विधायक हैं लेकिन वह सदन के अंदर और सदन के बाहर विपक्ष की भूमिका से गायब हैं. जनता की समस्याओं और कोरोना जैसी बीमारियों में सपा दूर रही है.
राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट का जो जमीन का विवाद है, वह घोटाला किया गया है. हम पीछे नहीं हटेंगे. हमने मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया था और आगे भी इस मसले को उठाते रहेंगे. पीछे नहीं हटेंगे.












