जौनपुर के कुँवर शेखर गुप्ता को विदेश में मिला परचम लहराने का मौका
संकल्प सवेरा जौनपुर इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ टीचर्स, एडमिनिस्ट्रेटर्स एंड रिसर्चर्स द्वारा 28 से 31 मई तक थाईलैंड में चार दिवशीय वर्चुवल अंतरास्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन किया गया जिसका शीर्षक ” मल्टीडिसिप्लिनरी एंड करंट एजुकेशनल रिसर्च” रहा। इस कांफ्रेंस में जौनपुर के तिलकधारी महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के कुँवर शेखर गुप्ता को बतौर जज आमंत्रित किया गया।
इस कांफ्रेंस में तमाम देशों से शोध छात्र एवं शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया और अपने शोध पत्रों को प्रस्तुत किया इस दौरान चीन से चार्ली फेबरार, पाकिस्तान से अंग्रेजी के प्रोफेसर डॉ गुलाम अली बरीरो तथा कानपुर से डॉ मोहम्मद शमीम और अपने जौनपुर के चांदमारी कालोनी निवासी कुँवर शेखर गुप्ता ने बतौर जज अपनी भूमिका निभाई।
शेखर गुप्ता का कहना है कि इस महामारी ने जहां बहुत से रास्ते बंद किए हैं वही ऑनलाइन माध्यम से तमाम अवसर भी प्रदान किए हैं। उनका कहना है की थाईलैंड में आयोजित इस वर्चुअल कांफ्रेंस जिसमें तमाम देशों से महान शिक्षाविदों ने भाग लिया उसमें भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए बतौर जज उपस्थित होकर उन्हें अत्यंत गर्व की अनुभूति हो रही है। उन्हीने इस उपलब्धि का श्रेय अपने पिता खझड़ी सम्राट सत्य प्रकाश गुप्ता तथा अपनी शोध निर्देशिका डॉ वंदना दुबे को दिया। उनका कहना है कि वो अपने जीवन में शिक्षा के क्षेत्र विशेष योगदान के लिए तिलकधारी महाविद्यालय के डॉ ज्ञानेंद्रधर दुबे के हमेसा ऋणी रहेंगे।
बता दें कि कुँवर शेखर गुप्ता तमाम सामाजिक कार्यों से भी जुड़ें रहते हैं। जौनपुर में “नेकी की दीवार, एक कदम इंसानियत की ओर” के साथ निशुल्क अंग्रेजी की शिक्षा तथा कई ऑनलाइन संगोष्ठी एवं व्याख्यान का आयोजन कर लोगों को हर क्षेत्र में लाभान्वित करते रहते हैं।












