नई दिल्ली। बंगाल समेत चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के एक्जिट पोल में वही तस्वीर दिखी है, जिसकी अटकल चुनाव शुरू होने से पहले ही लगाई जा रही थी। तेज गति से आगे बढ़ रही भाजपा की धमक हर जगह है और कांग्रेस हर मोड़ पर पस्त। वह न तो भाजपा से लड़ने में समर्थ हो रही है, न ही वाम से। वहीं, बंगाल में तीसरी बार सत्ता की लड़ाई लड़ रही ममता बनर्जी की पकड़ खत्म होती दिख रही है। एक्जिट पोल के आंकड़े दिखा रहे हैं कि ममता की अगर सत्ता में वापसी भी हुई तो वह बड़ी राजनीतिक जमीन गंवा देंगी। चुनाव नतीजे दो मई को आएंगे।
महीनेभर चले विधानसभा चुनावों के लिए गुरुवार को आखिरी चरण का मतदान हुआ। अब नतीजे का इंतजार है। मतदान के बाद आए एक्जिट पोल में अलग-अलग एजेंसियां और चैनल बंगाल को लेकर एकमत नहीं दिखे। कुछ ममता की सरकार बना रहे हैं, तो कुछ भाजपा की। कुछ चैनलों ने इसे बहुत करीबी मुकाबला बताया है, यानी किसी भी सरकार बन सकती है। ध्यान रहे कि बंगाल में भाजपा की चुनावी कमान संभालने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 200 प्लस का दावा किया था।
वहीं ममता की ओर से बार-बार यह कहा जा रहा था कि भाजपा तीन अंकों को भी पार नहीं कर पाएगी। ममता के रणनीतिकार प्रशांत किशोर यह ताल ठोकते रहे कि भाजपा 100 को पार कर गई तो वह अपना काम छोड़ देंगे। फिलहाल रोचक यह है कि जिन कुछ चैनलों पर ममता की सरकार का आकलन किया जा रहा है, वे भी भाजपा को सौ से पार ही दिखा रहे हैं। ऐसे में नतीजा जो भी आए प्रशांत किशोर की विश्वसनीयता के लिए खतरा ही है। ध्यान रहे कि उन्हें कांग्रेस ने अभी से पंजाब में अपना रणनीतिकार नियुक्त कर लिया है
पश्चिम बंगाल में मिलाजुला असर
एबीपी और सी वोटर के एग्जिट पोल के मुताबिक, बंगाल की 292 विधानसभा सीटों में तृणमूल कांग्रेस को 42.1 फीसद वोट मिल रहा है। वहीं भाजपा के खाते में 39.1 फीसद वोट मिलता दिख रहा है। इसके अलावा कांग्रेस को 15.4 फीसद वोट मिल सकते हैं।
एबीपी और सी वोटर के एग्जिट पोल के मुताबिक, बंगाल की 292 विधानसभा सीटों में तृणमूल कांग्रेस को 152-164 सीटें मिलती दिख रही हैं। वहीं भाजपा के खाते में 109-121 सीटें मिल सकती हैं। इसके अलावा कांग्रेस को 14- 25 सीटें मिल सकती हैं।












