जफराबाद,संकल्प सवेरा (जौनपुर) : सदर तहसील के हौज गांव में 50 काश्तकारों की भूमि पर फर्जी तरीके से नाम चढ़वाने के चर्चित मामले में प्रशासन की तरफ से दो जालसाजों पर मुकदमा दर्ज कराया गया। इनकी तरफ से फोरलेन निर्माण में भूमि अधिग्रहण में आपत्ति करके लोगों की जमीन को अपना बताकर साढ़े छह करोड़ का घोटाला करने का प्रयास किया गया। इससे तीन वर्षों तक वाराणसी-लखनऊ राजमार्ग का निर्माण कार्य बाधित रहा। तहसीलदार सदर की तहरीर पर जफराबाद थाने में दोनों पर मुकदमा दर्ज किया गया।
थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह ने बताया कि तहसीलदार सदर ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने हौज गांव निवासी दिनेश कुमार सिंह व प्रीतम सिंह के खिलाफ फर्जी तरीके से दूसरों की जमीन के कागजात पर अपना नाम दर्ज कराने की तहरीर दी थी। मामले में मुकदमा लिखने के लिए कुछ अभिलेख एकत्रित किए जाने में कुछ दिन का समय लग गया। गांव में वर्षों से दर्जनों किसानों ने इन व्यक्तियों के खिलाफ फर्जी तरीके से भूमि में नाम कराने को जिला प्रशासन से शिकायत की थी। जिसमें अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व राजकुमार द्विवेदी ने मामले की जांच कर फैसला सुनाते हुए दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया था। जिसके बाद इनके ऊपर धोखाधड़ी, जालसाजी, लोक क्षति निवारण अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया।
यह रहा मामला
अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व राजकुमार द्विवेदी ने बताया कि फोरलेन निर्माण को लेकर हौज गांव में बाधा आ रही थी, हालांकि मिट्टी का कार्य कराया जा रहा था। भूमि अधिग्रहण में किसानों के भुगतान के मामले को करीब पांच माह तक सुनवाई व जांच के बाद हल किया गया। इसमें सात भू-माफियाओं की तरफ से भूमि पर फर्जी तरीके से अपना बताकर भुगतान के लिए आपत्ति की गई थी। जिससे 50 किसानों व काश्तकारों का हक हड़पा जा रहा था। जब भी मौके पर लोग काम करने जाते थे वह मूल किसान भूमि पर लेट जाते थे। वहीं मूल काश्तकारों की जांच कराकर उन्हें तत्काल भुगतान करने का आदेश दे दिया गया है। फर्जी तरीके से आपत्ति करने वाले के आवेदन को निरस्त करते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर आगे की कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।












