पवित्र दाम्पत्य जीवन होने पर ही मनचाही सन्तान की प्राप्ति
गजेंद्रपुर के प्राचीन सती माता मंदिर के प्रांगण में सप्तदिवसीय कथा का दूसरा
जौनपुर,संकल्प सवेरा। दाम्पत्य जीवन पवित्र होने पर ही मनचाही सन्तान की प्राप्ति होती है। यदि पारिवारिक वातावरण शुद्ध होगा तो सन्तान भी सद्गुणी पैदा होंगे। उक्त बातें देश के प्रख्यात कथा वाचक श्रधेय श्री शांतनु महाराज जी ने शनिवार को गजेंद्रपुर गॉव के प्राचीन सती माता मंदिर के प्रांगण में भईया जी का दाल भात परिवार के सौजन्य से आयोजित सप्तदिवसीय श्री रामकथा के दूसरे दिन कही। उन्होंने राम कथा को विस्तार देते हुए राम अवतरण के प्रसंग पर चर्चा की।
उन्होंने कहा जब जब धरती पर पाप अत्याचार, कदाचार व अनाचार अपना पाँव पसारते है तथा धर्म की हानि होती है। तब तब भगवान अवतार लेकर दुष्टों का संहार करते है और पापियों के बोझ तले दबी पृथ्वी माता के दुःख को दूर करते है। राम के जन्म होते ही प्रांगण में उपस्थित महिलाओं ने सोहर गान गाकर खुशी का इजहार किया। मंच के सामने गॉव के बच्चे व महिलाओं ने नृत्य कर झूम उठे। पूरा प्रांगण भक्तिमय हो गया। श्री शांतनु जी महाराज ने कथा के बीच तीर्थ पर चर्चा करते हुए कहा कि तीर्थ अध्यात्म की प्रथम कार्यशाला होती है।
जब भी मन दिग्भ्रमित हो और जीवन में कुछ अच्छा न लगे तो तीर्थ यात्रा पर जाना चाहिए। तीर्थ हमें सद्गुणी विचारों के साथ साथ नवउर्जा से भर देते है। श्री महाराज जी ने कहा भगवान भाव के भूखे है। जो व्यक्ति सब प्रकार से स्वयं को भगवान को समर्पित कर देता है उसकी रक्षा एक माँ की तरह भगवान करते है। रोजमर्रा की दिनचर्या पर चर्चा करते उन्होंने खान पान पर मनुष्य को संयम बरतना चाहिए। संगीतमयी श्री राम कथा सुनकर श्रोता भक्तिभाव में भाव विभोर हो गए। अंत मे भईया जी का दाल भात परिवार के संस्थापक अतुल मिश्रा व आयोजक गौरव सिंह ने राम कथा सुनने आये श्रोताओं के प्रति आभार प्रकट किया। इस अवसर पर पूर्व प्रधानाचार्य हनुमान सिंह, कमलेश सिंह,लक्ष्मी गुप्ता, बब्बन सिंह , दिवाकर मिश्रा, अतुल तिवारी(सदस्य भइया जी का दाल-भात) , रिशु , नीरज, पिंटू सिंह , विकास सिंह, विवेक सिंह समेत सैकड़ों श्रोताओं ने राम कथा का आनंद लिया।
स्वास्थ्य मंत्री भी श्री राम कथा सुनने पहुचे
गभिरन(जौनपुर) उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रकाश सिंह भी राम कथा स्थल पर पहुँचकर श्री राम कथा का आनंद लिया। कथा समापन के पश्चात उन्होंने श्री राम कथा वाचक श्री शांतनु महाराज का माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया।












