नई दिल्ली। केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन पिछले 18 दिनों से जारी है। आज आंदोलन का 19वां दिन है। किसानों ने अपना प्रदर्शन तेज कर दिया है और आज वे भूख हड़ताल पर हैं। इस बीच गृह मंत्री अमित शाह से मिलने उनके आवास पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर पहुंचे हैं। दोनों ने कल (रविवार) भी मुलाकात की थी। केंद्र सरकार चाहती है कि नए कृषि कानूनों को लेकर गतिरोध बातचीत के माध्यम से खत्म किया जाए, लेकिन किसान इसकी वापसी की मांग पर अड़े हुए हैं। किसान संगठनों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है, लेकिन बात नहीं बन पाई है।
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा, ‘ मैं किसानों से कि कृषि कानूनों से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए सरकार के साथ बातचीत के लिए अपील करता हूं। यदि किसान इन बिलों में कुछ जोड़ना चाहते हैं, तो यह संभव है, लेकिन पूरी तरह से ‘हां या नहीं’ नहीं हो सकता है। बातचीत से समाधान निकल सकता है।’
दिल्ली: कृषि कानूनों के खिलाफ जंतर-मंतर पर पंजाब के कांग्रेस सांसदों का विरोध प्रदर्शन जारी है। सांसद गुरजीत सिंह औजला ने बताया, “किसान जो भी आंदोलन करेंगे हम उसमें भाग लेंगे। जितनी देर किसान भूख हड़ताल पर हैं उतनी देर मैं और विधायक कुलबीर जीरा भी भूख हड़ताल पर हैं।
सुप्रीम कोर्ट 16 दिसबंर को प्रदर्शनकारी किसानों को दिल्ली की सीमाओं से हटाने के लिए अधिकारियों को निर्देश देने की मांग पर सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यम की खंडपीठ, लॉ स्टूडेंट ऋषभ शर्मा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करेगी। याचिका में कहा गया है कि यात्रियों को प्रदर्शन के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते कोरोना के मामलों में भी इजाफा हो सकता है।












