मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी 31 अगस्त को राजधानी भोपाल (Bhopal) समेत पूरे प्रदेश में आंदोलन करेंगे. सुविधाएं न मिलने से नाराज कर्मचारियों ने सीएम को खून से पत्र लिखा है.
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए संविदा पर काम कर रहे स्वास्थ्य कर्मचारी सोमवार को राजधानी भोपाल समेत प्रदेश भर में आधी रोटी और थाली के साथ प्रदर्शन कर अपना विरोध जताएंगे. साथ ही संविदा को अभिशाप मानते हुए राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) से इच्छामृत्यु की अनुमति देने की अपील भी करेंगे. इसके लिए संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने पोस्टकार्ड पर अपने खून से लिखकर इच्छामृत्यु की मांग की है. कर्मचारियों का आरोप है कि रेगुलर कर्मचारी को पूरी थाली सजाकर दी जा रही है और उन्हें थाली में आधी रोटी दी जा रही है. इसलिए इन्हें प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ रहा है, ताकि सरकार मामले पर ध्यान दे.
प्रदर्शन में कोरोना से दिन-रात जंग लड़ रहे प्रदेश भर के 19 हज़ार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल होंगे. संविदा चिकित्सक, नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, एनएम, ऑपरेटर आयुष, एड्स, टीबी परियोजना के समस्त कर्मचारी थाली में आधी रोटी के साथ प्रदर्शन करेंगे और पोस्टकार्ड पर अपने खून से राज्यपाल और मुख्यमंत्री से अपनी मांगों पर समर्थन मागेंगे. जेपी अस्पताल में भी संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी आधी रोटी और थाली लेकर प्रदर्शन करेंगे.
इन मांगों को लेकर आक्रोशित हैं संविदा कर्मचारी
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष सौरभ सिंह चौहान ने बताया कि नियमितीकरण न किए जाने एवं 5 जून 2018 सामान्य प्रशासन की संविदा नीति, नियमित समकक्ष पद 90 प्रतिशत वेतनमान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में 2 साल बीत जाने के बाद भी लागू न होने से संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों में सरकार के प्रति आक्रोश है. कोविड-19 में ड्यूटी के दौरान 6 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हुई आकस्मिक मृत्यु, स्वास्थ्य विभाग और प्रदेश सरकार द्वारा किसी भी शहीद कोरोना योद्धा के परिवार को 50 लाख रुपए व अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी गई. इतना ही नहीं मुख्यमंत्री कोविड 19 कल्याण योजना से भी संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को वंचित रखा गया है. इसलिए संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ प्रदर्शन कर रहे हैं और अगर प्रदर्शन के बाद भी सरकार ने जल्द इनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो इनका आंदोलन सड़क पर उतरेगा.












