केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आठ राहत उपायों की घोषणा कर रही हैं. इन आठ उपायों में से चार एलान नए हैं. वित्त मंत्री ने सबसे पहले हेल्थ सेक्टर से जुड़े एक नए राहत पैकेज का एलान किया गया.
वित्त मंत्री ने कोविड प्रभावित सेक्टर के लिए 1.1 लाख करोड़ लोन गारंटी स्कीम की घोषणा की है. कोरोना संकट के कारण उपजी आर्थिक चुनैतियों का सामना करने के लिए Covid-19 से प्रभावित सेक्टर्स के लिए 1.1 लाख करोड़ के राहत पैकेज का ऐलान किया है. इस Stimulus Package के तहत हेल्थकेयर सेक्टर को 50,000 करोड़ और दूसरे सेक्टर्स के लिए 60,000 करोड़ रुपये की घोषणा की गई है.-कोविड से प्रभावित सेक्टर के लिए 1.1 लाख करोड़ रुपए की लोन गारंटी स्कीम.
आर्थिक राहत
हेल्थ सेक्टर के लिए 50 हजार करोड़ रुपए.
अन्य सेक्टर्स के लिए 60 हजार करोड़ रुपए.
हेल्थ सेक्टर के लिए लोन पर 7.95% सालाना से अधिक ब्याज नहीं होगी.
अन्य सेक्टर्स के लिए ब्याज 8.25% से ज्यादा नहीं होगी.
हेल्थ सेक्टर के लिए 100 करोड़ का अधितकम लोन अमाउंट
लोन गारंटी स्कीम के तहत हेल्थ सेक्टर के लिए 100 करोड़ का अधितकम लोन अमाउंट रखा गया है. जबकि इस पर अधिकतम ब्याज दर 7.95 फीसदी लगेगा. वहीं, दूसरे सेक्टरों के लिए अधिकतम ब्याज दर 8.25% रखा गया है. इसके कवरेज में जरूरत के हिसाब से बदलाव किया जाएगा.
ECLGS
ECLGS में 1.5 लाख करोड़ रुपए अतिरिक्त दिए जाएंगे.
ECLGS 1.0, 2.0, 3.0 में अब तक 2.69 लाख करोड़ रुपए का वितरण
सबसे पहले इस स्कीम में 3 लाख करोड़ रुपए की घोषणा की गई थी.
अब इस स्कीम का कुल दायरा 4.5 लाख करोड़ रुपए हो गया है.
अब तक शामिल किए गए सभी सेक्टर्स को इसका लाभ मिलेगा.
क्रेडिट गारंटी स्कीम
छोटे कारोबारी-इंडिविजुअल एनबीएफसी, माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूट से 1.25 लाख तक का लोन ले सकेंगे.
इस पर बैंक के एमसीएलआर पर अधिकतम 2% जोड़कर ब्याज लिया जा सकेगा.
इस लोन की अवधि 3 साल होगी और सरकार गारंटी देगी.
इसका मुख्य मकसद नए लोन को वितरण करना है.
89 दिन के डिफॉल्टर समेत सभी प्रकार के बॉरोअर इसके लिए योग्य होंगे.
इस स्कीम का लाभ करीब 25 लाख लोगों को मिलेगा.
करीब 7500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया जाएगा. 31 मार्च 2022 तक इसका लाभ मिलेगा.
पर्यटन सेक्टर
वित्त मंत्री ने कहा कि पर्यटन का क्षेत्र भारत में काफी महत्वपूर्ण है. ये रोजगार और स्वरोजगार पैदा करता है. वित्तीय सहायता टूरिस्ट गाइड्स और दूसरे स्टेक होल्डर्स के लिए की गई है. कार्यशील पूंजी मिलेगी. व्यक्तिगत कर्ज में भी लाभ मिलेगा. देनदारियों को चुकाने के लिए लाई गई है योजना. साथ ही नया कारोबार शुरू करने में भी ये योजना मदद करेगी. 100 फीसदी गारंटी सरकार की तरफ से दी जाएगी. 10 लाख रुपये प्रति एजेंसी तक दिया जाएगा. वहीं, लाइसेंस्ड टूरिस्ट गाइड को 1 लाख रुपये दिए जाएंगे. इसमें कोई प्रॉसेसिंग चार्ज या क्लोजर चार्ज नहीं देना होगा. ये गारंटी मुक्त योजना है.
आत्मनिर्भर भारत रोजगार
अब इस स्कीम को बढ़ाकर 31 मार्च 2022 तक किया जा रहा है.
इस स्कीम के तहत अब तक करीब 21.42 लाख लाभार्थियों के लिए 902 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं.
इस स्कीम के तहत सरकार 15 हजार से कम वेतन वाले कर्मचारियों और कंपनियों के पीएफ का भुगतान करती है.
सरकार ने इस स्कीम में 22,810 करोड़ रुपए खर्च करने का लक्ष्य रखा है जिससे करीब 58.50 लाख लोगों को लाभ मिलेगा.
सरकार कर्मचारी-कंपनी का 12%-12% पीएफ का भुगतान करती है.
कृषि क्षेत्र
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि कृषि क्षेत्र में रबी विपणन सीजन 2020-21 में 389.92 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था. वहीं 2021-22 432.48 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा. 85 लाख करोड़ से ज्यादा का रिकॉर्ड भुगतान किया गया. वहीं, डीएपी समेत सभी तरह के न्यूट्रिशन के लिए सब्सिडी में 14 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रावधान किया गया. इससे किसानों को सीधा फायदा मिला.
प्रधानमंत्री ग्रामीण अन्न योजना
प्रधानमंत्री ग्रामीण अन्न योजना के तहत पिछले साल 80 करोड़ लोगों को हर महीने 5 किग्रा चावल और गेहूं अनाज उपलब्ध कराया गया. इस बार भी मई से नवंबर तक देश के गरीबों के लिए ये योजना जारी रहेगी ताकि मुश्किल दौर में कोई भूखा ना रहे. इस बार इस योजना पर 93869 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस तरह पिछले साल और इस साल मिलाकर इस योजना पर कुल खर्च 2 लाख 27 हजार 840 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
23220 करोड़ रुपए पब्लिक हेल्थ के लिए
इमरजेंसी हेल्थ सर्विसेस के लिए इस साल 23,220 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. पिछले साल 15 हजार करोड़ रुपये इमरजेंसी हेल्थ सर्विसेस को दिया गया था. इसे 9000 से ज्यादा कोविड हेल्थ केयर सेंटर बने. वहीं, ऑक्सीजन बेड्स में साढ़े सात गुना वृद्धि, आईसीयू बेड्स की संख्या में 42 गुना बढ़ोतरी हुई.
इस समय बाल चिकित्सा को ध्यान में रखकर तैयारी की जा रही है. बच्चों के लिए आइसीयू बेड्स, स्वास्थ्य उपकरण, दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ये प्रावधान किया गया है. वहीं, टेस्टिंग कैपेसिटी बढ़ाने में भी इसका फायदा मिलेगा. ये रकम मार्च 2022 तक उपलब्ध होगी.












