आज जौनपुर में डॉ. जमाल ए. खान एमबीबीएस, एमडी विश्व प्रसिद्ध कैंसर इम्यूनोथेरेपी स्पेशलिस्ट ने बोला
स्वयं का रक्त बन रहा है कैंसर का इलाज
संकल्प सवेरा। डॉ. जमाल ए. खान विश्व प्रसिद्ध कैंसर इम्यूनोथेरेपी स्पेशलिस्ट कैंसर के मरीज़ों को दे रहे हैं नई जिंदगी। उक्त बातें डॉक्टर जमाल ने अपने निजी कार्यक्रम के तहत जौनपुर पहुंचे डॉ. जमाल ए. खान, एमबीबीएस, एमडी, विश्व प्रसिद्ध कैंसर इम्यूनोथेरेपी स्पेशलिस्ट ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि मुझे बड़ी खुशी हो रही है की देश और विदेश में कैंसर के मरीज हमारे यहा इलाज करा रहे हैं और कैंसर की बीमारी से ठीक हो रहे हैं।
ये कहना ग़लत न होगा कि अगर मैं कहूँ कि कैंसर इम्यूनोथेरेपी में मूल रूप से मरीज़ का इलाज खुद उसी के शरीर से हो रहा है तो अतिशयोक्ति न होगी। इसे हम एक्टिव इम्यूनोथेरेपी बोलते हैं और जहां जिस्म के अंदर के व्हाइट सेल काम नहीं कर रहे हैं कैंसर को पहचानने का, उसे लैबोरेटरी में मरीज़ के खुद के रक्त से लेकर व्हाइट सेल को कल्चर करते हैं और उन्हें कैंसर से लड़ने वाले सेल बनाते हैं। जिनको Dendritic सेल बोलते हैं।

जो वापस शरीर में डालने के पश्चात शरीर में कैंसर सेल्स को ढुंढते हैं और अपने डॉटर सेल की सेल बेसिस पर क्लियर करते हैं। ये प्रोटोकाल साइंटिफिक है जिसको नोबल प्राइज इसी प्रोटोकॉल के लिए मिल चुका है और राल्फ़ स्टीनमैन जिन्हें हम अपना गुरु मानते हैं।वो कनाडा के नागरिक थे और अमेरिका में काम करते थे।
उन्हें नोबल प्राइज मिला है डिस्कवरी के लिए इसी प्रोटोकॉल पे । कस्टमाइज थेरेपी होने के कारण ये उतना प्रचलन में नहीं है। मरीज के अपने रक्त से ही उसके लिए ये बनाई जाती है जिसके कारण इसका pharmaceutical industry का उत्पाद बनना संभव नहीं है क्योंकि कस्टमाइज़ प्रोडक्ट है
dendritic cell थेरेपी जिसके कारण हर मरीज़ के लिए यह अलग से बनानी होती है। आज न जाने कितने मरीजों को जिन्होंने लाखों लाखों रूपये बर्बाद कर दिए बड़े बड़े शहरों में जा के इलाज करवा रहे है और उन्हें किसी तरह का लंबे समय के लिए फायदा नही होता है वो कैंसर को लाइलाज बीमारी बताते है ऐसे में मैने जो खोज की है उससे बहुतों को फायदा मिल रहा है और अब आप कह सकते है कि कैंसर का इलाज़ संभव है ।
इस मौके पे शशांक शेखर, बाबी भाई, शिवम तैयारी इत्यादि जन उपस्थित रहे।












