पुरूष नसबन्दी पखवाड़ा में फिर महिलाओं ने मारी बाजी
954 महिलाओं ने कराया नसबन्दी केवल 05 पुरूषों की हुई नसबन्दी
विभाग नसबन्दी कराने पर देता है आर्थिक मदद
मिर्जापुर,संकल्प सवेरा । जिले में 22 नवंबर से 11 दिसंबर के बीच चले पुरुष नसबन्दी पखवाड़ा के दौरान 5 पुरुषों ने नसबंदी अपनाई। यह जानकारी मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर राजीव सिंघल ने दी है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर राजीव सिघल ने बताया कि हमेशा की तरह समय समय पर जिले में नसबन्दी पखवाड़ा पुरूषों के लिए चलाया जाता रहा है। लेकिन हमेशा की तरह इस बार मार भी पखवाड़े में 954 महिलाओं ने नसबन्दी कराकर फिर बाजी मारी है। जबकि पखवाड़े में केवल पांच पुरूषों ने ही नसबन्दी कराकर अपनी भूमिका को दर्ज कराया है। जनसंख्या विस्फोट की दिक्कतों के बीच आबादी पर नकेल कसने के अभियान में महिलाओं की अपेक्षा पुरूष की सहभागिता बहुत ही कम होती है। पुरूष आज के दौरान में भी नसबन्दी कराने से भागते है। इसलिए पखवाड़े के दौरान नसबन्दी कराने पर प्रोत्साहन राशि के रूप में विभाग की ओर से 3000 रूपये भी दिया जाता है। पिछले वर्ष 43 पुरूषों ने नसबन्दी कराकर अपनी सहभागिता को दर्ज कराया।
01 अप्रैल 2021 से अब तक 20 पुरूषों ने ही नसबन्दी कराया है। जिले की महिलाएं परिवार नियंत्रण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्ज करा रही है पर पुरूष अपने अनेक भ्रान्तियों की जाल में फंसकर इससे किनार करते रहते है। परिवार नियंत्रण कार्यक्रम में यह चिंता का विषय बना हुआ है। लेकिन कोविड 19 के इस दौर में जनसंख्या नियंन्त्रण के लिए पुरूष वर्ग को जागरूक करने के साथ ही साथ परिवार नियोजन के अभियान में उनकी हिस्सेदारी को सुनिश्चित करने के लिए पुरूष नसबन्दी पखवाड़ा दो चरणों में चलाया गया। प्रथम चरण के अभियान में दम्पत्यिों से सम्पर्क होगा और दूसरे चरण में नसबन्दी करने का अभियान चलाया जायेगा।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी व नोडल अधिकारी डाक्टर वी0के0भारती ने बताया कि पुरूष पखवाड़ा में जिले के 2043 आशा कार्यकर्ता 564 एएनएम व 2000 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं समेत 3 हजार स्वास्थ्य कर्मियों को भी लगाया गया था।
सोच बदलें
भारत में वर्ष 1950 से ही परिवार नियोजन संबंधी कार्य शुरू हुआ। परिवार नियोजन पर सबकी सोच बदलने की आवश्यकता है और पुरुष वर्ग में चल रहे अनेक भ्रम से जागरूक करके इसमें हिस्सेदारी निभाने के लिए एक सार्थक प्रयास करना होगा।












