साहित्य के बिना मानव पशु के समान है – फादर पी विक्टर
सेंटजॉन्स स्कूल में ध्वनि विज्ञान पर आधारित परियोजना की प्रस्तुति
संकल्प सवेरा जौनपुर सेंटजॉन्स स्कूल,सिद्दीकपुर, जौनपुर की शनिवासरीय प्रार्थना सभा में कक्षा 10 अ के विद्यार्थियों ने भाषा एवं साहित्य के महत्त्व पर प्रकाश डाला।बच्चों ने इस विषय पर परियोजना प्रस्तुत की जिसमें ध्वनियों के उच्चारण एवं परिवर्तन को बताया।कक्षाध्यापक गिरीश कुमार गुप्ता ने अपने उद्बोधन में बच्चों से कहा कि पुस्तकों से मित्रता करें क्योंकि किसी भी व्यक्ति की सबसे अच्छी मित्र पुस्तक हो सकती है।हर भाषाओं का विस्तृत साहित्य है जिससे जुड़ने पर प्रमानन्द सहोदर आनन्द की प्राप्ति होती है।
सिस्टर निकोलस ने अपने उद्बोधन में कहा कि किसी के बारे में बात करने से पूर्व उस बात की सच्चाई,अच्छाई एवं उसके उपयोगिता पर विचार करना आवश्यक है।विद्यालय के प्रधानाचार्य फादर पी विक्टर ने अपने संदेश में कहा कि साहित्य किसी भी समाज का दर्पण होता है।हम दर्पण में उसी बिम्ब को देखते हैं जो सामने रहता है।विद्यार्थियों के लिए साहित्य का साथ आवश्यक है।जिसकी साहित्य,संगीत और कला के प्रति रुचि नहीं होती वह पशु के समान ही व्यर्थ जीवन जीता है।













