संकल्प सवेरा। समाजवादी पार्टी ने राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को अपना समर्थन दिया है. इसकी घोषणा खुद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने किया है. लेकिन राष्ट्रपति चुनाव में सपा द्वारा यशवंत सिन्हा को समर्थन देने के लिए समाजवादी नेता शिवपाल यादव ने अखिलेश यादव को पत्र लिखकर नाराजगी जताई है।
यूपी के पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक शिवपाल यादव ने ट्वीट करके यशवंत सिन्हा को समर्थन देना समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह का घोर अपमान बताया है. दरअसल शिवपाल सिंह ने यशवंत सिन्हा एक पुराने बयान को सोशल मीडिया पर शेयर किया है जिसमें सिन्हा ने मुलायम सिंह को ISI का एजेंट कहा था।
नेताजी के अपमान की शर्त पर कोई फैसला मंजूर नहीं
शिवपाल यादव ने अपने ट्वीट करते हुए लिखा, “सपा के वर्तमान नेतृत्व ने राष्ट्रपति चुनाव में उस व्यक्ति का समर्थन किया है, जिसने हम सभी के अभिभावक और प्रेरणा व ऊर्जा के स्रोत आदरणीय नेताजी को ‘आईएसआई’ का एजेंट बताया था. पार्टी नेतृत्व के इस फैसले के विरुद्ध मेरी घोर असहमति है. नेताजी के अपमान की शर्त पर कोई फैसला मंजूर नहीं.” 
यशवंत सिन्हा ने नेताजी को ISI एजेंट कहा था
वहीं शिवपाल यादव ने सपा प्रमुख अखिलेश को लिखे पत्र में कहा है कि “मैं आपका और समाजवादी पार्टी के शुभचिंतकों का ध्यान एक में उस बेहद गंभीर और संवेदनशील विषय की ओर दिलाना चाहता हूं. यह नियति की अजीब विडम्बना है कि समाजवादी पार्टी ने राष्ट्रपति चुनाव में उस व्यक्ति का समर्थन किया है, जिसने हम सभी के अभिभावक और प्रेरणा और ऊर्जा के स्रोत आदरणीय नेताजी को उनके रक्षा मंत्रित्व काल में पाकिस्तानी गुप्तचर संस्था आईएसआई का एजेंट बताया था. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि समाजवादी पार्टी को राष्ट्रपति प्रत्याशी के तौर पर एक अदद समाजवादी विरासत वाला नाम नहीं मिला.”
अखिलेश फैसले पर पुनर्विचार करें
शिवपाल ने कहा, यह कहते हुए मुझे दुःख और क्षोभ हो रहा है कि जो समाजवादी कभी नेताजी के अधिमान पर आग बबूला हो जाते थे, आज उसी विरासत के लोग नेताजी को अपमानित करने वाले व्यक्ति का राष्ट्रपति चुनाव में समर्थन कर रहे हैं. ऐसा लगने लगा है कि पूरी पार्टी मजाक का पात्र बनकर रह गई हैं. उन्होंने आगे लिखा, प्रिय अखिलेश जी, मुझे अपनी सीमाएं पता हैं, आप समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष हैं, ऐसे में मेरा सुझाव है कि उपरोक्त बिंदुओं के आलोक में अपने फैसले पर पुनर्विचार करें।












