सड़क की पटरियों पर वाहनों का कब्जा, राहगीर परेशान
अक्सर लगता है जाम, स्कूली बच्चों के आने-जाने में बना रहता है खतरा
जेड हुसैन बाबू
जौनपुर। पालिटेक्रिक चौराहा से लेकर नईगंज तिराहे तक दो पहिचा और चार पहिया वाहनों का सड़क की पटरियों पर कब्जा रहता है। सड़क के दोनों तरफ दो हास्पिटलों है और उनका खुद का वाहन स्टैंड न होने के कारण मरीज और तिमारदार दर्जनों की संख्या में दो पहिया वाहनों को सड़क की पटरियों पर घंटों खड़ा कर देते हैं। वहीं चार पहिया वाहन और एबुलेंस भी सड़क के आधे हिस्से को घेरे में लिये रहते हैं।
लगभग आधी सड़क पर वाहनों का कब्जा होने के कारण बड़ी ट्रकों और अन्य वाहनों के आने-जाने में दिक्कतें होती रहती है। सुबह के वक्ता स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं और छोटे बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पटरियों पर वाहन खड़ा होने के कारण पैदल स्कूल जाने वाले बच्चों को सड़क पर से ही गुजरना पड़ता है।
अक्सर दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। अभिभावकों का कहना है कि अस्पताल का संचालन करने वाले जिम्मेदरों को चाहिये कि पार्किंग की अलग से व्यवस्था करें ताकि आवागमन में दिक्कत न आये। वहीं अस्पतालों का संचालन करने वालों पर इसका कोई फर्क पड़ता नहीं दिख रहा है। नईगंज मुहल्ले में सड़क के किनारे स्थित दो अस्पताल हैं। न्यूरो के चिकित्सक होने के कारण इनके यहां मरीजों की संख्या काफी रहती है।
मरीज और एंबुलेंस संचालन जगह न होने के कारण सड़क की पटरियों पर ही वाहन खड़ा देते हैं। बीच में सड़क के डिवाइजर है और दोनों तरफ पटरियों पर वाहनों का कब्जा ऐसे में वाहनों के आवागमन में काफी दिक्कतें होती हैं। इस संबंध में टीएसई श्री राय से जानकारी ली गई उन्होंने कहाकि कई बार नोटिस देने के बाद भी अस्पताल के जिम्मेदार मान नहीं रहे हैं। यातायात सुचारू करने के लिए उचित कार्यवाही की जायेगी।
बड़े हादसे के इंतजार में है ट्रैफिक इंचार्ज
जौनपुर। टै्रफिक का जिम्मा संभालने वाले ट्रैफिक इंचार्ज अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कितनी कर्तव्यनिष्ठा से करते हैं ये तो आये दिन शहर में लगने वाले जाम को देखने से लग जाता है। अगर किसी दिन कोई बड़ा हादसा स्कूली बच्चों के साथ होता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?












