पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर सिंह को पुण्यतिथि पर याद किया गया
संकल्प सवेरा,जौनपुर। गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित जौनपुर पत्रकार संघ भवन में चंद्रशेखर विचार मंच के तत्वावधान में पूर्व प्रधानमंत्री स्व चंद्रशेखर की 14वी पुण्यतिथि के अवसर पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।जिसमें जनपद के वरिष्ठ विचारकों ने प्रतिभाग करके पूर्व प्रधानमंत्री के जीवन वृतांत पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व कैबिनेट मंत्री जगदीश नारायण राय ने अपने उदबोधन में कहा कि चंद्रशेखर ने इंदिरा गांधी का साथ विषम परिस्थितियों में देते हुए उन्हें स्थापित किया।उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी को चन्द्रशेखर के कृतित्व को समझाने की जरूरत है जिससे गुमराह हो रही युवा पीढ़ी को राह मिलेगी।यही चन्द्रशेखर जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि टी डी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ अरुण सिंह ने कहा कि चद्रशेखर बहुत ही बोल्ड व्यक्तित्व थे,वे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के निर्णय लेने से तनिक भी घबराते नही थे,वे जीवन पर्यंत गरीबों के लिये समर्पित रहे।भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ओमप्रकाश सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि चंद्रशेखर जैसा व्यक्ति ना तो हुआ और ना होगा,क्योंकि आज के राजनीतिक नेता अपने अयोग्य नेतृत्व की गणेश परिक्रमा करते हैं किंतु चंद्रशेखर सदैव बेबाक टिप्पणी करते रहे,सभी के विरुद्ध चाहे वह पक्ष हो चाहे विपक्ष।
चंद्रशेखर एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री रहे हैं जिन्होंने प्रधानमंत्री बनने के बाद भी अपनी वेशभूषा से समझौता नही किया।कार्यक्रम के आयोजक वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि चंद्रशेखर जी ऐसे व्यक्तित्व रहे हैं जो कभी अपने लिए नही जिये,हमेशा दूसरों के लिए जीते थे।उनका कृतित्व उनका विचार श्रीकृष्ण के द्वारा दिए गए गीता के ज्ञान से ओत प्रोत है।
इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत सिंह ने हमेशा गरीबो के लिए तड़प थी,उन्होंने जनता को करीब से जानने के लिये पांच हज़ार किमी से अधिक की पदयात्रा की थी।
कांग्रेसी नेता राजेश सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि चंद्रशेखर जी देश से गरीबी को समाप्त करना चाहते थे।
जौनपुर पत्रकार संघ के अध्यक्ष शशिमोहन सिंह क्षेम ने कहा कि चद्रशेखर जी पहले युवा तुर्क नेता थे,
उन्होंने देश की एकता के नाम पर कभी समझौता नहीं किया।
वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह ने कहा कि
राजनीति देशभक्ति से होती है,जो कि वर्तमान समय नहीं है,चंद्रशेखर जी इससे मुक्त रहे,वे देशभक्ति के लिये राजनीति करते थे।
कार्यक्रम के अध्यक्ष सेंट जॉन्स स्कूल के प्रधानाचार्य फादर पी विक्टर ने कहा कि चंद्रशेखर जी बहुत ही भावुक व्यक्ति थे,वे दूसरे के कष्ट देखकर रो देते थे।उन्होंने गरीबो के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को जाना समझा और उसे दूर करने का पूरा प्रयास किया। ।
जिसकी अध्यक्षता सेंटजॉन्स स्कूल,सिद्दीकपुर, जौनपुर के प्रधानाचार्य फादर पी विक्टर ने किया।इस श्रद्धांजलि सभा के मुख्य अतिथि पूर्व कैबिनेट मंत्री जगदीश नारायण राय रहे।विशिष्ट अतिथि के रूप में तिलकधारी सिंह महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य अरुण कुमार सिंह एवं ओमप्रकाश सिंह रहे। इस अवसर पर स्वर्गीय चंद्रशेखर सिंह को श्रद्धांजलि दी गई एवं प्रबुद्ध वक्ताओं ने उनके जीवन पर प्रकाश डाला।
वशिष्ठ नारायण सिंह ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में स्वर्गीय चंद्रशेखर जी के कार्यों का उल्लेखकर उन्हें कर्मयोगी बताया।वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह एवं दुष्यंत सिंह ने चंद्रशेखर जी के जीवन के अविस्मरणीय पहलुओं पर प्रकाश डाला।
कांग्रेस के नेता राजेश सिंह एवं जौनपुर पत्रकार संघ के अध्यक्ष शशिमोहन सिंह क्षेम ने भी अपने संस्मरण के माध्यम से श्रद्धा सुमन अर्पित किए।इस कार्यक्रम का संचालन मधुकर तिवारी ने किया।अंत में फादर पी विक्टर ने अध्यक्षीय उद्बोधन में चंद्रशेखर जी से अपने व्यक्तिगत सम्बध एवं लगाव का भी जिक्र किया
।फादर ने बताया कि जब चन्द्रशेखर जी पदयात्रा करते हुए कन्याकुमारी गए थे तब उनके बड़े भाई ने एक तमिल पत्रिका के लिए उनका हिंदी में साक्षात्कार लिया था।तभी से उनसे एवं उनके परिवार से व्यक्तिगत लगाव हो गया था।गाजीपुर एवं बलिया में 20 वर्षों तक काम करने के दौरान उनको नज़दीक से जानने और समझने का मौका मिला।वे एक महान नेता और विचारक तो थे ही साथ में बहुत भावुक और बहुत ही कठोर भी थे।वे अपनों के लिए रो पड़ते थे वहीं सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं करते थे,उसके लिए अत्यंत कठोर हो जाते थे।
उनका यह स्वभाव नारियल जैसा था,जो ऊपर से कठोर और अंदर से मुलायम होता है।ऐसी पवित्र आत्माएँ मरती नहीं,अपने विचारों से सदैव जीवित रहती हैं
।चन्द्रशेखर जी अपने विचारों एवं कार्यों से सदा अमर रहेंगे।इस अवसर पर प्रेमशंकर यादव,रामदयाल द्विवेदी,राजेश यादव,डॉक्टर रामजी तिवारी,धर्मेंद्र सिंह,राधेश्याम पांडेय आदि ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए।












