ई-विन एप से जिले की टीकाकरण व्यवस्था हुई मजबूत
तापमान, टीके की उपलब्धता, वितरण तथा अंतिम तिथि पर एप के माध्यम से निगरानी
जिले के 25 कोल्ड चेन हैंडलर्स करते हैं रख रखाव
जौनपुर, संकल्प सवेरा।इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलीजेंस नेटवर्क (ई-विन) एप जिले के राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत नियमित टीकाकरण व्यवस्था को संभाल रहा है। तापमान नियंत्रण, टीके की उपलब्धता, वितरण और एक्सपायरी डेट पर इसके माध्यम से ही निगाह रखी जा रही है। वर्तमान में नियमित टीकाकरण के अंतर्गत गला घोंटू, कालीखांसी, टिटनेस-डिप्थीरिया (टीडी), नवजात टिटनेस (जमुआ रोग), हेपेटाइटिस-बी, बच्चों में होने वाला टीबी, पोलियो, वायरल निमोनिया, बैक्टीरियल निमोनिया, मेनेन्जाइटिस, मस्तिष्क ज्वर, मिजिल्स, रुबेला आदि 12 बीमारियों से बचाव के लिए जिले में हर बुधवार और शनिवार को गर्भवती और बच्चों का टीकाकरण किया जाता है।
यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम (यूएनडीपी) के कोल्ड चेन मैनेजर अबजाद शेख बताते हैं कि नियमित टीकाकरण के लिए डेढ़ माह के लिए सभी कोल्ड चेन प्वाइंट पर उस टीके का स्टाक होना चाहिए और स्टाक में टीका तभी सुरक्षित रह पाता है जब उसके लिए उचित तापमान मौजूद हो। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी ब्लॉक पर टीके की आपूर्ति की जाती है। इन टीकों को उपयोग होने तक सुरक्षित बनाए रखने में ई-विन एप महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इन टीकों के रखरखाव को जिले में 25 कोल्ड चेन प्वाइंट हैं। 24 ब्लॉक कोल्ड चेन प्वाइंट तथा 01 जिला वैक्सीन भंडार में है। इन सब पर दो कोल्ड चैन हैण्डलर तैनात हैं। इन्हें प्रशिक्षण दिया गया है। इन सभी 25 कोल्ड चेन प्वाइंट पर इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलीजेंस नेटवर्क (ई-विन) सिस्टम काम कर रहा है। इन सभी वैक्सीन कोल्ड चैन प्वाइंट पर एक कोल्ड चैन हैंडलर को ई-विन के बारे में प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही एक अतिरिक्त कोल्ड चैन हैंडलर की भी व्यवस्था की गई है जो कोल्ड चैन हैंडलर का सहयोग करते हैं। यदि कोल्ड चैन हैंडलर अवकाश पर होता है तो वह ही उनका कार्य संभालते हैं। 14 मार्च 2016 को सभी कोल्ड चैन हैण्डलरों को प्रशिक्षण दिया गया था। जिले में इस समय 40 इलेक्ट्रॉनिक तापमान उपकरण लगाया गया है।
ऐसे टीका सुरक्षित किया जाता है: कोल्ड चेन हैण्डलरों को प्रतिदिन दो बार सुबह और शाम को आइस लाइन रेफ्रिजरेटर (आईएलआर) का तापमान लिखना होता है। इसे छुट्टियों के दिनों में भी भरना अनिवार्य होता है। साथ ही सत्रों पर वितरित होने वाले टीका का वितरण रजिस्टर में दर्ज करना होता है। कितना टीका उपलब्ध हैं उसे भी स्टॉक रजिस्टर में दर्शाते हैं। ई-विन के माध्यम से कितना टीका खर्च किया गया, कितने लाभार्थियों को टीका लगा, कितना खराब हुआ आदि की भी देखभाल की जाती है।
ई-विन एप से रखरखाव में ऐसे मिलती है मदद: मान लीजिये सुइथाकला के आईएलआर में टीका रखा है और वह किसी कारण से खराब हो गया या पावर सप्लाई बंद हो गई है। तब वहां पर कोल्ड चैन का काम देख रहे कोल्ड चेन हैंडलर को ई-विन एप में लगे इलेक्ट्रॉनिक तामपान उपकरण पर तापमान 08 डिग्री से अधिक दिखने लगेगा। साथ ही ई-विन के माध्यम से उसके मोबाइल पर मैसेज आ जाएगा जिसे देख कर पता चल जाएगा कि आईएलआर का तापमान बढ़ रहा है और कोल्ड चेन हैंडलर वैक्सीन सुरक्षित बनाने में लग जाएगा। ऐसे ही जब तापमान 02 डिग्री सेल्ससियस से कम हो जाएगा तब भी एसएमएस से अलर्ट आ जाएगा और कोल्ड चेन हैण्डलर को जानकारी हो जाएगी। यदि जानकारी होने के 04 घंटे के अंदर कार्रवाई नहीं हुई तो एसएमएस मेडिकल इंचार्ज के पास चला जाएगा और टीका सुरक्षित बनाने को कदम उठाया जाएगा।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (डीआईओ) डॉ एनके सिंह ने बताया कि वह प्रत्येक सोमवार को माई ई-विन एप के माध्य्म से कोल्ड चैन की स्थिति और वैक्सीन की उपलब्धता की देखभाल करते हैं। कोरोना के दौरान जब टीकाकरण की चर्चा शुरू हुई थी तभी केंद्र सरकार ने यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम (यूएनडीपी) के साथ कोविड आन विन (को-विन) एप बनाया है। ई-विन और को-विन के माध्यम से रियल टाइम मानीटरिंग तथा वैक्सीन स्टॉक मैनेजमेंट बड़ी आसानी से किया जाता हैं। ई-विन की शुरुआत वर्ष 2015 में हुई है। इसके माध्यम से राज्य स्तर से ब्लॉक स्तर पर उपलब्ध वैक्सीन की मात्रा, बैच नम्बर, एक्सपायरी डेट का आंकलन करने में आसानी होती है। कोल्ड चेन कक्ष में आईएलआर तथा डीप फ्रीजर में लगे इलेक्ट्रॉनिक टेम्परेचर लॉगर के माध्य्म से टीका किस तापमान पर है, की देखभाल जिले पर वैक्सीन कोल्ड चैन मैनेजर करता है। ई-विन की पहल भारत सरकार ने यूएनडीपी के साथ मिल कर किया था। आज ई-विन देश के 2800 से ज्यादा कोल्ड चैन प्वाइंट पर कार्य कर रहा है। वर्ष 2015 के पहले स्थिति बहुत ज्यादा खराब थी। ज्यादातर उपकरण बहुत पुराने हो चुके थे और तापमान 02 डिग्री सेल्सियस से कम रहता था लेकिन जब से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को लगाया गया तब से निर्धारित तापमान पर वैक्सीन रहती है। पिछले साल कोरोना महामारी से पहले 07 कोल्ड चेन पर ई-विन के माध्यम से 8.65 रुपए की वैक्सीन बचाई गई थी।












