देश की बड़ी दवा कंपनियों की पहली पसंद बना यूपी

फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड व मेनकाइंड जैसी बड़ी कंपनी के साथ डॉक्युमेंट (पिडियोयू) पर समझौते से मिलेगा रोजगार
प्रदेश सरकार ने दवाओं की गुणवत्ता में सुधार की किया बड़ी पहल
जौनपुर, संकल्प सवेरा। जिला औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय ने बताया कि देश के कई जानी-मानी दवा कंपनियों के साथ प्रदेश सरकार से बहुत जल्द समझौता होने जा रहा। इसके लिए राजधानी लखनऊ में एक बड़े कॉन्फिडेंट व्युत्पत्ति के माध्यम से सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड और मेनकाइंड जैसी नामी गिरामी बड़ी कंपनी के साथ डॉक्युमेंट (पिडियोयू) पर हस्ताक्षर होने की संभावना प्रबल हो गई है।
इससे जहाँ राज्य में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। वहीं दवाओं की गुणवत्ता में भी आमूल चूक सुधार सुनिश्चित होगा।
श्री पांडेय का मानना है कि इस नई पहल से प्रदेश के सभी ड्रग इंस्पेक्टरों का मुख्य लक्ष्य केवल नियमों को लागू करना नहीं, बल्कि उद्योगों में “क्वालिटी कल्चर” को बढ़ावा देना है। ताकि भारत से निर्यात होने वाली हर दवा वैश्विक मानकों पर खरी उतरे।
इसीलिए इन्वेस्ट यूपी’ और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के माध्यम से निवेशकों को एक सुरक्षित और पारदर्शी नियामक वातावरण प्रदान करना, ताकि देश के इस सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश को एक बड़ा फार्मा हब बनाया जा सके।
यह बातें जिला औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय ने सोमवार को पत्रकारों से एक अनौपचारिक बातचीत के दौरान बताया । उन्होंने कहा कि ‘जीरो डिफेक्ट’ की नीति अपनाते हुए बाजार में नकली और घटिया दवाओं के प्रवेश को पूरी तरह से रोकना और सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन के दिशा-निर्देशों के अनुसार नियमित सैंपलिंग और जांच सुनिश्चित करना आज की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है।
डीआई श्री पांडेय ने कहा कि फार्मास्युटिकल क्षेत्र में एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के उपयोग और निरंतर विनिर्माण ( कंटीन्यूअस मैन्युफैक्चरिंग) जैसी नई तकनीकों को अपनाने के लिए कंपनियों को प्रोत्साहित करना है।
भारतीय फार्माकोपिया (आईपी) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने और नियामक मानकों को वैश्विक स्तर पर एक समान बनाने ( हार्मोनाइजेशन
) पर जोर देना है ।












