कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा में हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
संकल्प सवेरा,वाराणासी।आध्यात्मिक नगरी काशी के पावन घाटों पर कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर आस्था और श्रद्धा का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला है।घाटों पर श्रद्धालु शुक्रवार भोर से ही गंगा स्नान करने के लिए पहुंच रहे हैं।
यहां गंगा स्नान करने का अपना एक धार्मिक महत्व है और कार्तिक मास के पूर्णिमा को स्नान करने का खास धार्मिक महत्व है।
बाबा भोलेनाथ की नगरी काशी में कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर ष
पर आस्था का जन सैलाब उमड़ पड़ा है।हर कोई सूर्य की पहली किरण के साथ मां गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य कमाना चाहता है।कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नान की मान्यताओं के अनुसार आज का दिन बहुत फलदायक है।
कार्तिक पूर्णिमा के दिन जो भी सच्चे मन और विश्वास के साथ मां गंगा में स्नान करते है उनकी सभी मनोकामना पूर्ण होती है।
आपको बता दें कि कार्तिक मास को देवताओं का प्रिय माह माना जाता है, कार्तिक मास की विशिष्टताएं पुराणों में वर्णित की गई हैं। शास्त्रों में कार्तिक मास को श्रेष्ठ मास माना गया है।पर्वो की नगरी काशी में हर त्यौहार का एक खास महत्व है।
स्कंद पुराण की माने तो आज के दिन 33 करोड़ देवी देवता पृथ्वी पर आते है, इस लिए बाबा भोलेनाथ की नगरी काशी में गंगा स्नान और पूजन करने से भोलेनाथ के संग भगवान विष्णु भी प्रसन्न होते हैं।
मान्यता है कि मनुष्य अपने जीवन काल में किए पापों की प्राश्चित करना चाहता है, तो कार्तिक पूर्णिमा के दिन पतित पावनी मां गंगा में अवश्य स्नान करें।कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान करने और दान देने का विशेष महत्व है।












