संकल्प सवेरा इस बार मकर संक्रांति दो दिन मनाई जाएगी। माघ कृष्ण सप्तमी पर 14 जनवरी को पतंगबाजी होगी, वहीं दूसरे दिन अष्टमी पर 15 जनवरी को मकर संक्रांति का पुण्यकाल रहेगा। ऐसे में इस बार मकर संक्रांति का उल्लास दो दिन रहेगा। दरअसल सूर्य इस बार 14 जनवरी को रात 8 बजकर 43 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे, पुण्यकाल इसके अगले दिन रहेगा। इस दिन सूर्योदय के साथ ही सुबह 7 बजकर 21 मिनट से पुण्यकाल शुरू हो जाएगा, जो सूर्यास्त तक शाम 5 बजकर 51 मिनट तक रहेगा।
मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व
ज्योतिषाचार्य डॉ. रवि शर्मा ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होता है। सूर्य का उत्तरायण होना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जब तक सूर्य पूर्व से दक्षिण की ओर चलता है, इस दौरान सूर्य की किरणों को खराब माना गया है, लेकिन जब सूर्य दक्षिण से उत्तर की ओर गमन करने लगता है, तब उसकी किरणें सेहत और शांति को बढ़ाती हैं। इस मौके पर लाखों श्रद्धालु गंगा और अन्य पावन नदियों के तट पर स्नान और दान, धर्म करते हैं













