संकल्प सवेरा जौनपुर। रामघाट पर अब चिता को आग देने के नाम पर सौदेबाजी नहीं हो सकेगी। वजह प्रशासन ने आग देने के नाम पर होने वाली सौदेबाजी को बंद कराने की ठान ली है। शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए शहर के नामित नोडल अधिकारी और अपर जिलाधिकारी भू एवं राजस्व रजनीश राय ने पुलिस बल के साथ घाट का निरीक्षण किया। व्यवस्था देखकर उनका माथा ठनक गया। उन्होंने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट की तर्ज पर रामघाट पर व्यवस्थाओं को पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।
रामघाट पर जनपद के अलावा आजमगढ़ से भी लोग शवों का अंतिम संस्कार करने आते हैं। एक दिन पहले 170 शवों को जलाया गया। वहीं, लोगोें ने शिकायत की कि इस घाट पर अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है। इतना ही नहीं, शव को जलाने के लिए सजाई जाने वाली चिताओं को आग देने के नाम पर सौदेबाजी होने की शिकायत अधिकारियों को मिली। एक चिता को मुखाग्नि देने के लिए 1200 रुपये लिए जाते हैं। दाग लेने वाले वाले शख्स के सिर के मुड़ाने के नाम पर सौ रुपये लिए जाते हैं।
इसी तरह, लकड़ी के भाव को लेकर मनमानी की जाती है। इसके चलते शवों को जलाने के लिए पहुंचे दु:ख में डूबे परिवार को तमाम प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिस संज्ञान में लेते हुए शहर के नोडल अधिकारी और अपर जिलाधिकारी भू-एवं राजस्व ने निरीक्षण किया। घाट पर गंदगी देखकर नाराजगी जताई। साथ ही लोगों की शिकायत की जांच की तो उसकी पुष्टि हुई तो संबंधित से नाराजगी जताते हुए उन्हें मर्णिकर्णिका घाट की तर्ज पर काम करने को कहा। साथ ही निर्देशित किया कि मुखाग्नि देने के लिए 250 रुपये ही लेकर आग दिए जाए। जबकि इसके पहले 1200 रुपये लिए जाते थे
पांच स्थानों पर लगेगा रेट का बोर्ड
जौनपुर। पांच स्थानों पर रेट बोर्ड लगाया जाएगा। इसमें एक गेट पर प्रवेश करते ही। जबकि अन्य घाट पर जगह-जगह लगाया जाएगा। इस रेट का निर्धारण वाराणसी मर्णिकर्णिका घाट पर तय किए गए रेट के ही आधार पर होगा लेकिन मुखाग्नि की आग देने के लिए अधिकतम 251 रुपये ही लिए जा सकेंगे।
21 रुपये देकर कराना होगा रजिस्ट्रेशन
जौनपुर। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि घाट पर शव जलाने वालों की संख्या अधिक हो रही है। ऐसे में घाट पर आने वाले शवों का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके लिए 21 रुपये का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसमें मौत के कारण को बताना होगा। वहीं, रजिस्ट्रेशन से मिलने वाले शुल्क से ही घाट की सफाई की जाएगी












