जौनपुर,संकल्प सवेरा : गोमती के बढ़ते जलस्तर के चलते पानी रविवार को नगर के हनुमान घाट पर पहुंच गया, इससे सीढ़ियों पर हो रहा निर्माण कार्य प्रभावित हो गया है। जिला प्रशासन की तरफ से गोमती के बढ़ते जलस्तर के लिए फिलहाल कोई सतर्कता नहीं बरती जा रही है।
किनारे के कुछ गांवों में प्रवेश करना शुरू कर दिया है, इससे फसलें भी जलमग्न हो गई हैं। जिला मुख्यालय पर बाढ़ के खतरे के निशान 24 फीट से अभी जलस्तर काफी नीचे है। शाही पुल के नीचे प्राचीन शिव मंदिर गोमतेश्वर महादेव जलमग्न हो गया है। जलस्तर बढ़कर साढ़े नौ फीट हो गया है। इससे हनुमान घाट का चबूतरा, गोपी घाट की सीढ़ियां भी डूब गई है
नदी के किनारे रहने वालों की स्थिति भयावह हो चुकी है। गोमती नदी खतरे के निशान से 90 सेमी नीचे बह रही है। इससे नदी के किनारे खेती बर्बाद हो चुकी है। कई एकड़ फसल चौपट होने के कगार पर है। नदी का पानी अब बाग-बगीचों तक पहुंच गया है, जिससे आस-पास के लोग सुरक्षित स्थान तलाश रहे हैं।
प्रशासन की ओर से किसी प्रकार का सहयोग नहीं मिलने से सरोजबड़ेवर, चकरारेत, नोनमठिया, जोखुवाना आदि गांवों के ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। केंद्रीय जलस्तर मापक कें पसेवां के मुताबिक जलस्तर में अभी और बढ़ोतरी होगी। ऐसा गंगा और प्रयागराज की तरफ से पानी तेजी से आने की वजह से हो रहा है।













