जौनपुर,संकल्प सवेरा : पंचायत चुनाव की इस बेला में गांव की जनता एक बार फिर जनार्दन सरीखी दिखने लगी है। नामांकन दाखिल करने वाले सूरमा सिबल मिलने की प्रतीक्षा किए बगैर उनके दर पर पहुंचकर मत्था टेकने लगे हैं। बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते जिम्मेदार लोग जुटान में शामिल होने से भले परहेज कर रहे हैं, लेकिन चुनावी खुमारी के सिर चढ़ने का तकाजा है कि जगह-जगह लोग टोलियां बनाकर शक्ति प्रदर्शन से बाज नहीं आ रहे हैं।
पहले चरण में 15 अप्रैल को मतदान होना है। ऐसे में दस दिन से भी कम समय होने के कारण प्रचार अभियान जोर शोर से शुरू हो गया है। सिबल मिलते ही यह अभियान परवान चढ़ता नजर आएगा। गांवों में सर्वाधिक रस्साकशी प्रधानी के चुनाव को लेकर देखी जा रही है। इस बार के चुनावों में युवाओं की अधिक सहभागिता के चलते परंपरागत तरीकों के साथ ही इंटरनेट मीडिया का भी जमकर सहारा लिया जा रहा है। जिला पंचायत के चुनाव में राजनीतिक दलों की सक्रियता ने इसे और रोमांचक बना दिया है। कुछ बड़े नेता भी अध्यक्ष पद को लेकर अभी से गुणा गणित तेज करते हुए अधिक से अधिक सदस्यों पर निगाहें लगाए बैठे हैं।












