श्रीराम का विलाप देख दर्शकों की आंखें हुई नम
अंतिम दिन गोपीपुर के ऐतिहासिक रामलीला में उमड़ी भारी भीड़
जौनपुर,संकल्प सवेरा । सिरकोनी ब्लाक के अंतर्गत कचगाव क्षेत्र के गोपीपुर गांव में 175 वर्ष से हो रही ऐतिहासिक बुढ़वा बाबा रामलीला समिति के तत्वावधान में सोमवार की रात को अंतिम दिन रामलीला में लक्ष्मण शक्ति, कुम्भकरण वध व मेघनाथ वध का भावपूर्ण मंचन किया गया। रामलीला का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत सदस्य सपा नेता अजय त्रिपाठी ने फीता काटकर किया और विशिष्ट अतिथि डेंटल सर्जन डाक्टर गौरव मौर्या, व भारत विकास परिषद के पूर्व अध्यक्ष समाजसेवी विक्रम गुप्त ने राम—जानकी की आरती उतारी।

इस मौके पर अजय त्रिपाठी ने कहा कि प्रभू राम के आदर्शों को हर व्यक्ति को अपने अन्दर उतारना चाहिए तभी रामलीला सार्थक होगा। डेंटल सर्जन डॉक्टर गौरव मौर्या ने रामलीला कार्यक्रम आयोजन समिति को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि आप लोगों के सहयोग से यह ऐतिहासिक रामलीला अच्छे ढंग होती आ रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आगे रामलीला मैं अपना योगदान देता रहूंगा। इस दौरान रामलीला समिति के संरक्षक रविन्द्र बहादुर सिंह पप्पू, क्षेत्र पंचायत सदस्य दीपक सिंह,अध्यक्ष प्रधान अखिलेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष विपिन सिंह पिंटू, प्रबंधक संतोष सिंह दादा उप प्रबंधक अमित सिंह डायरेक्टर पप्पू महाजन,उप डायरेक्टर सूर्यभान सिंह, संगठन मंत्री अनुज सिंह,विशाल सिंह जैकी, अजय सिंह, महामंत्री शिवशंकर सिंह, बचानू, व सतपाल सिंह सत्तू ने माल्यार्पण कर अतिथियों का स्वागत किया।
रामलीला के शुरूआत मे जस्ट डांस ग्रुप के डायरेक्टर कृष्ण मुरारी मिश्रा द्वारा प्रस्तुत राधे कृष्ण की झांकी देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। गायक पंकज सिन्हा व शैली गगन ने एक से गीत सुनाकर लोगों को थिरकने पर मजबूर कर दिया।
सोमवार रात की रामलीला के मंचन के अंतिम दिन लक्ष्मण शक्ति के दृश्य में मेघनाथ द्वारा लक्ष्मण को शक्ति बाण लगने पर रामादल में खलबली मच जाती है। राम सेना शोक में डूब जाते हैं। प्रभू राम ने हनुमान को सुषेन वैध द्वारा बताए गये द्रोणागिरी पर्वत से संजीवनी बूटी लाने को कहते हैं। राम का विलाप देख दर्शकों के आंखों से आंसू छलक गये एवं लोग भाव-विभोर हो गये।
हनुमान के संजीवनी बूटी लेकर लौटते ही रामादल में खुशी की लहर छा गयी। फिर सुषेण वैद्य के उपचार के बाद लक्ष्मण को होश आ जाता है और रामा दरबार में खुशी की लहर दौड़ जाती है। लोग श्री राम का जयकारा लगाने लगते हैं जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। राम की भूमिका प्रदीप सिंह बल्लू, लक्ष्मण शिवा सिंह, सीता नवरतन, हनुमान बिरजू सिंह, मेघनाथ अखिलेन्द्र सिंह, कुंभकरण टोनू सिंह, विभीषण इंदु प्रकाश सिंह, रावण की भूमिका पप्पू महाजन ने निभाया। रामलीला का संचालन कामरेड जयप्रकाश सिंह व अमित सिंह जुगनू ने किया l
इस अवसर पर पूर्व सपा छात्रसभा अध्यक्ष अतुल सिंह, समाजसेवी धीरज सिंह, हरिकेश सिंह,टोनू सिंह,मनीष सिंह, कोटेदार मनोज कल्लू सिंह,ओम् प्रकाश पप्पू,अनिल सिंह, छोटेलाल सिंह मास्टर, मिथिलेश सिंह,अरविंद्र सिंह, चेतनारायन, भोले सिंह, रिशु सिंह,संतोष सिंह एडवोकेट,रजनीश चौबे, आशीष चौबे, सिंटू,रिंकज सिंह,दुर्गेश सिंह डीके, सूरज कल्लू सिंह, शैलेश यादव, भीम,संजय यादव, संजू गुप्ता, मीडिया प्रभारी प्रभाकर सिंह योगी व वन्देश सिंह उपस्थित रहे।












