क्षेत्राधिकारी की मध्यस्थता से अधिवक्ताओं व थानाध्यक्ष का विवाद सुलझा
थानाध्यक्ष मीरगंज द्वारा अधिवक्ता के परिजनों के साथ अभद्रता से साथी थे आक्रोशित
अधिवक्ता थे अनिश्चित कालीन हड़ताल पर:
उपजिलाधिकारी को ज्ञापन देकर किये थे कार्यवाही की मांग:
संकल्प सवेरा मछलीशहर।मीरगंज थानाध्यक्ष द्वारा 27 सितम्बर को अधिवक्ता के परिजनों से अभद्रता करने से साथियों में आक्रोश व्याप्त था।अधिवक्ताओं ने 28 सितम्बर को उपजिलाधिकारी राजेश कुमार को ज्ञापन देकर थानाध्यक्ष के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की थी।तभी से अधिवक्ता न्यायिक कार्य से अनिश्चित के लिये विरत थे।
बताया जाता है कि तहसील अधिवक्ता पूर्व अध्यक्ष कमासिन गांव निवासी अधिवक्ता सरजू प्रसाद विन्द का आरोप था कि पड़ोसी से आबादी का विवाद चल रहा था ।दीवानी न्यायालय में वाद भी लम्बित है।विपक्षी परेशान करने की नियति से आये दिन आई जी रेंज वाराणसी से लेकर थानाध्यक्ष तक झूठा आरोप लगाते हुये प्रार्थनापत्र देते रहते थे।
आरोप था कि 27 सितम्बर को सायं थानाध्यक्ष मीरगंज सुरेश कुमार सिंह विपक्षी की झूठी शिकायत पर अधिवक्ता के घर जाकर घर की महिलाओं और परिजनों को भद्दी-भद्दी गालियां दिये और अभद्रता किये।कचहरी से घर पहुंचने पर अधिवक्ता को उक्त प्रकरण की जानकारी मिली।
भुक्तभोगी अधिवक्ता ने 28 सितम्बर को अधिवक्ता संघ में प्रार्थनापत्र दिया तो आक्रोशित अधिवक्ताओं ने ज्ञापन देकर थानाध्यक्ष के विरुद्ध कार्यवाही की मांग किया तो उपजिलाधिकारी ने आश्वासन देकर अधिवक्ताओं को शांत कराया।उक्त प्रकरण में क्षेत्रा धिकारी अतर सिंह ने सूझबूझ का परिचय देते हुये थानाध्यक्ष को अपने कार्यालय में तलब कर दोनों पक्षों से वार्ता कर विवाद सुलझाया।
थानाध्यक्ष ने अपनी गलती पर खेद व्यक्त किया।प्रतिनिधि मंडल में उपाध्यक्ष हरिशंकर यादव, सिंह,दिनेश चंद्र सिन्हा,केदार नाथ यादव,प्रेम चंद्र विश्वकर्मा,यज्ञ नरायण सिंह,जगदंबा प्रसाद मिश्रा,हरि नायक तिवारी,आर.पी. सिंह,अशोक श्रीवास्तव,राम आसरे दूबे,विनय पाण्डेय,सुरेन्द्र मणि शुक्ला,अजय सिंह आदि उपस्थित थे।












