कोरोना महामारी के दौरान कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जिसमें आपदा को अवसर में बदल दिया गया है. ऐसा ही एक मामला जनपद जौनपुर में देखने को मिला है जहां रोजगार देने के नाम पर एक कंपनी ने लगभग 50 से अधिक युवाओं को ठगा है. सैनिटरी पैड और नैपकिन पैकिंग का झांसा देकर कंपनी ने लगभग 13 लाख रुपये ठग लिए हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार कंपनी ने विभिन्न अखबारों में पैम्पलेट के जरिये विज्ञापन देकर युवाओं को रोजगार देने की बात कही.

विज्ञापन देखकर सैकड़ों की संख्या में युवक रोजगार की तलाश में पहुंच गए. हिब्बस कंपनी प्राइवेट लिमिटेड ने युवकों का साक्षात्कार लिया और उसी के आधार पर प्रतिमाह 12,500 रुपये तनख्वाह तय की. इस दौरान लगभग 50 की संख्या में युवक और युवतियों के चयन हुआ. कंपनी के मैनेजर सिद्धार्थ सिंह ने इस दौरान कई लोगों को ऑफिस डेस्क से लेकर फील्ड वर्क का काम सौंपा.
क्या था कंपनी का काम ?
हिब्बस कंपनी प्राइवेट लिमिटेड ने इस दौरान अपने कर्मचारियों को बताया कि गांव गांव जाकर महिलाओं की टीम बनानी होगी. एक टीम में कम से कम 12 से 25 महिलाएं को शामिल कर उनसे नैपकिन और सैनिटरी पैड की पैकिंग का काम सौंपा जाएगा. कंपनी ने कोविड किट देने के नाम पर तकरीबन 4500 महिलाओं से 150 रुपये भी लिए हैं. यह राशि 6,75,000 रुपये है.
इतना ही नहीं बल्कि कंपनी ने अपने 50 कर्मचारियों को 12,500 रुपये के हिसाब से 6,25,000 रुपये का वेतन भुगतान भी नहीं किया.

क्या कहतें हैं ठगे गए कर्मचारी..
कंपनी की कर्मचारी शिवानी निषाद बताती हैं कि रोजगार के नाम पर झांसा देकर कंपनी ने उन्हें ठग लिया है. कंपनी की तरफ से उन्हें कहा गया कि कंपनी गरीब महिलाओं को रोजगार मुहैया करा रही है.गांव में महिलाओं से सैनिटरी और नैपकिन पैकिंग करानी थी जिसके एवज में कंपनी गांव की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह भुगतान करती.
शिवानी आगे कहती हैं कि हम लोगों ने मेहनत करके गांव से टीम बनाई और पैसे इक्कठा किये. कंपनी ने कहा था कि उन्ही पैसों से वह सामान लाएगी मगर कंपनी ने सामान भी नहीं मंगाया. कंपनी ने 1 सितंबर से काम शुरू करने की बात कही थी.मगर इसके बाद कंपनी के मैनेजर सिद्धार्थ सिंह और डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सूर्य प्रताप सिंह दोनों फरार हो गए.
इसके बाद गांव की महिलाओं को यह लगता है कि पैसे हम लोगों ने लिए हैं और हम लोगों को जान से मारने की धमकी भी मिल रही है. कंपनी के मैनेजर और डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर ने अपना नंबर बंद कर लिया है. हमारी शिकायत सुनने वाला कोई नहीं है.
इस बाबत कंपनी के ठगे गए कर्मचारियों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी और एडिशनल एसपी संजय कुमार से की है.












