नई दिल्ली. कोरोना वायरस की दूसरी लहर की मार चौतरफा पड़ रही है. एक तरफ हर दिन लाखों की संख्या में नए कोविड-19 संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं. वहीं, दूसरी तरफ ये अर्थव्यवस्था पर गहरी चोट कर रहा है. कोरोना वायरस के फैलने की रफ्तार को काबू करने के लिए ज्यादातर राज्यों में लॉकडाउन या कर्फ्यू जैसे उपाय किए गए हैं. इससे आर्थिक गतिविधियां थम गई हैं. वहीं, लोग संक्रमण के डर से घरों में ही बैठने को मजबूर हैं. लोगों के कहीं नहीं आने-जाने के कारण जहां रेलवे ने कई स्पेशल ट्रेनें रद्द (Canceled Trains) कर दी हैं तो हवाई सेवाओं (Flights) पर भी इसका असर नजर आ रहा है. सूत्रों ने बताया कि 17 मई 2021 की आधी रात से दिल्ली इंटरनेशन एयरपोर्ट (Delhi International Airport) का टर्मिनल-2 (T2) अस्थायी तौर पर बंद रहेगा.
सिर्फ टर्मिनल-3 से किया जाएगा उड़ानों का संचालन
मंत्रालय के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों के दौरान प्रतिदिन घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 2.2 लाख से घटकर लगभग 75,000 हो गई है. देश में कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ है. फ्लाइट का संचालन केवल दिल्ली हवाईअड्डे के टर्मिनल-3 से जारी रहेगा. डायल (DIAL) के अधिकारियों ने कहा है कि गोएयर और इंडिगो एयरलाइंस अपने परिचालन को टी-3 में ट्रांसफर कर देंगी. इस समय दिल्ली हवाईअड्डा हर दिन करीब 325 उड़ानों को संभाल रहा है. महामारी से पहले यहां रोजाना करीब 1,500 उड़ानों का संचालन होता था
कोरोना की दूसरी लहर के कारण घटी उड़ानों की संख्या
कोरोना की दूसरी के बीच दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानों की संख्या बहुत कम (Flights Reduced) हो गई है. सूत्रों के मुताबिक, इसके मद्देनजर टर्मिनल-2 को अस्थायी तौर पर बंद करने का फैसला लिया गया है. इससे पहले नागरिक विमानन मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानों पर लगी रोक को 31 मई 2021 तक बढ़ाने का फैसला ले चुका है. हालांकि, एयर ट्रैवल बबल व्यवस्था के तहत अंतरराष्ट्रीय पैसेंजर फ्लाइट्स का संचालन जारी रहेगा. वहीं, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने 31 मई 2021 तक हर तरह की विदेश यात्रा पर रोक लगा दी है












