सेंटजॉन्स स्कूल में किशोरों के लिए कार्यशाला आयोजित हुई
किशोर अपनी मन की बातों को बड़ों से साझा करें – डॉक्टर शैली
संकल्प सवेरा जौनपुर सेंटजॉन्स स्कूल में किशोरों की जागरूकता के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।इस कार्यशाला की मुख्य वक्ता डॉक्टर शैली रही।डॉक्टर शैली ने अपने सम्बोधन में बच्चों को बताया कि 10 से 19 वर्ष की अवस्था में बच्चों में शारीरिक एवं मानसिक बदलाव होते हैं।यह बचपन एवं युवावस्था के संक्रमण का काल है।इस समय बच्चों में जागरूकता बहुत जरूरी है ; क्योंकि इस समय कुछ हार्मोनल चेंज होते हैं जो किशोरों के व्यवहार में बदलाव ला देते हैं।
ऐसी स्थिति में माता-पिता,अभिभावक एवं गुरुजनों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक बदलाव को ध्यान में रखते हुए उनकी देखभाल करनी चाहिए।इस अवस्था में यदि उचित देखभाल न हो तो बच्चों का मानसिक एवं शारीरिक स्थिति बिगड़ जाती है।बच्चों को चाहिए कि इस अवस्था में अपने मन की बातों को अपने बड़ों से साझा करें।ऐसा करने से वे बहुत सी तकलीफों से बच जाएँगे।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने मुख्य वक्ता से प्रश्न किए और उन्होंने सबका जवाब दिया।इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य फादर पी विक्टर ने कहा कि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना जरूरी है।शारीरिक स्वास्थ्य के लिए व्यायाम एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए ध्यान का अभ्यास करना चाहिए।
ईश्वर में विश्वास से नकारात्मकता खत्म होती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।कार्यक्रम के अंत में नीरज मिश्र ने बहुमूल्य ज्ञान प्रदान करने के लिए डॉक्टर शैली के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।












