युवाओं को के लिए विशेष
संकल्प सवेरा। छोटी सी लेख लिखने का प्रयास किया हू अवश्य पढ़े!
हम 25 हो गए तो युवा हो गए, किसी भी देश का युवा उस देश के विकास का सशक्त आधार होता है, लेकिन जब यही युवा अपने सामाजिक और राजनैतिक जिम्मेदारियों को भूलकर विलासिता के कार्यों में अपना समय नष्ट करता है, तब देश बर्बादी की ओर अग्रसर होने लगता है!
आज अपने देश में अधिकतर युवा बिलासिता और सुख-सुविधा को देखते हुए अपनी देश की जमीन को छोड़कर दूसरी जगह जा रहे हैं, जिससे राष्ट्र निर्माण में दिक्कतें आ रही हैं! युवा किसी भी राष्ट्र की शक्ति होते हैं और विशेषकर भारत जैसे महान् राष्ट्र की ऊर्जा तो युवाओं में ही निहित है!क्योंकि हमारी 65% आबादी युवाओं की है,ऐसे में अगर युवाओं का भारी संख्या में प्रवासन होता है !तो इससे न केवल उस राष्ट्र की अक्षमता प्रदर्शित होती है, जो अपने नौजवानों को प्रयाप्त साधन नहीं दे सकता बल्कि इससे देश की विकास का सशक्त आधार भी समाप्त हो जाता है!
इस 21वीं सदी को युवाओं की सदी कहा जाता है! लेकिन हमारे देश के युवा आज भी स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं!इन विसंगतियों को दूर करने के लिए ही शायदअंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस का चयन किया गया होगा ताकि इन विषयों पर बात की जाए और विसंगतियों को दूर किया जाए!
क्योंकि देश का युवा अगर सफल होगा तो देश भी अपने आप सफल होगा! देश के लिए नए इनोवेशन, नई टेक्नोलॉजी और नए नए विकास के मार्ग प्रशस्त करेगा। कोरोना महामारी में कई युवाओं को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा कितनी बेरोजगारी भुखमरी व्यापक रूप से देश में फैल रहा है लेकिन अफसोस आज कोई भी राजनीतिक नेता और न ही सरकार देश के युवाओं के शिक्षा और रोजगार की बात कर रहा है और इस वजह से युवा अपाहिज सा महसूस कर रहा है! मेरे साथियों एक अपाहिज कभी भी एवरेस्ट की सबसे ऊपरी सतह पर नही पहुंच सकता तो फिर ये सरकारे किसके भरोसे देश को विश्व गुरु बनाने जा रही!
युवाओं मेरे साथियों अपने अस्तित्व को पहचानो आप हर एक में हनुमान है बस अपनी शक्तियों को जगाओ और इस देश में तमाम कुरीतियों अंधकार रूपी फैले समुद्र को लांघकर संपूर्ण देश को जाग्रत कर देश को विश्वगुरु बनाओ एक दूसरे की मदद की भावना रखो आज जो विषम परिस्थितियां देश में व्याप्त है इससे मिलकर मुकाबला करो और विश्वपटल पर अपने देश का नाम ऊंचा करो! युवा की सार्थक परिभाषा को चरितार्थ करना ही हम युवाओं का कर्तव्य है!
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बस एक पंक्ति आप सभी युवा साथियों के लिए..
जिन्दा हो तो ताकत रखो बाजुओ में लहरों के खिलाफ तैरने की
क्युकी लहरों के साथ बहना तो लाशों का काम है!
पुनीत कुमार ओझा
लखनऊ 【उ०प्र०】












