सपा की होगी हैट्रिक या भाजपा का खुलेगा खाता
संकल्प सवेरा,जौनपुर। वाराणसी के पड़ोस में बसे जौनपुर जिले का एक कस्बा और तहसील है मछलीशहर,इसी नाम से विधानसभा व लोकसभा सीट भी है. राष्ट्रीय राजमार्ग 31 मछलीशहर से होकर गुजरता है. ये विधानसभा सीट ग्रामीण इलाकों की सीट है. इस विधानसभा क्षेत्र की अधिकतर आबादी कृषि पर निर्भर है.आजादी के बाद से आजतक इस सीट पर कभी कमल नही खिला।2017 में भाजपा की जबरदस्त लहर में भी अपनी सीट बचाने वाले पूर्व मंत्री जगदीश सोनकर का टिकट काटे जाने से भाजपा अतिउत्साहित होकर सपा के कैंडिडेट को बाहरी बताने पर लगी है।
कौन कब जीता –
मछलीशहर विधानसभा सीट 2008 के परिसीमन में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गई थी. इस विधानसभा सीट के चुनावी अतीत पर नजर डालें तो यहां से साल 1977 में कांग्रेस के अरुण कुमार, 1980 और 1985 में केशरी प्रसाद विधानसभा पहुंचे. 1989, 1991 और 1993 में जनता दल, 1996 में समाजवादी पार्टी(सपा) के टिकट पर ज्वाला प्रसाद यादव विधायक निर्वाचित हुए. 2002 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सुभाष पांडेय विधायक निर्वाचित हुए. इस सीट के सुरक्षित होने के बाद 2012 में सपा के जगदीश सोनकर विधायक चुने गए.
बीजेपी की लहर में भी अपनी सीट बचा ले गए थे जगदीश
मछलीशहर सुरक्षित विधानसभा सीट से 2017 के चुनाव में भी सपा ने जगदीश सोनकर को उम्मीदवार बनाया था. सपा के जगदीश के सामने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अनिता रावत, बसपा ने सुशीला सरोज को टिकट दिया था. सपा के जगदीश ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी बीजेपी की अनिता को 4179 वोट से हरा दिया था. बसपा की सुशीला सरोज तीसरे स्थान पर रही थीं.
सुरक्षित सीट है मछलीशहर विधानसभा
मछलीशहर विधानसभा क्षेत्र में कुल साढ़े तीन लाख से अधिक मतदाता हैं. इस विधानसभा सीट के सामाजिक समीकरणों की बात करें तो यहां अनुसूचित जाति के मतदाताओं की बहुलता है. ब्राह्मण, ठाकुर, यादव मतदाता भी मछलीशहर विधानसभा सीट का चुनाव परिणाम निर्धारित करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं. इस क्षेत्र में पटेल मतदाता भी अच्छी तादाद में हैं.
यहां भाजपाई ही बता रहे कि नहीं हुआ है विकास
मछलीशहर विधानसभा क्षेत्र के विकास का दावा सपा के नेता कर रहे हैं. विरोधी दलों के नेता दावों को हवा-हवाई बता रहे हैं. विपक्षी दलों के नेताओं का दावा है कि इलाके की समस्याएं जस की तस हैं. जौनपुर जिले की इस विधानसभा सीट के लिए यूपी चुनाव के सातवें और अंतिम चरण में 7 मार्च को मतदान होना है. बता दें कि यूपी के विधानसभा चुनाव सात चरणों में होने हैं.
घरवाले-बाहरवाली की लड़ाई बता रही है भाजपा
मछलीशहर सुरक्षित सीट पर इस बार चुनाव ने नया मोड़ ले लिया है। भाजपा के प्रत्याशी खुद के स्थानीय होने और सपा उम्मीदवार के बाहरी होने का दावा करते हुए अपने पक्ष में माहौल बनाने में लगे हुए हैं। साथ ही आजादी के बाद पहली बार कमल खिलाने का सपना संजोए हुए हैं।
वहीं, सपा ने लगातार दो बार से सिटिंग विधायक जगदीश सोनकर का टिकट काटकर विरोध के बीच वाराणसी के अजगरा से निवर्तमान विधायक कैलाश सोनकर की बेटी डा. रागिनी को मौका दिया है। हालांकि उन्हें समर्थन के साथ-साथ तमाम प्रकार की चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सपा का इस सीट से हैट्रिक लगाने के सपने को पूरा करने में काफी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है।












