कांग्रेस में शीर्ष नेतृत्व के लिए पार्टी 2 धड़े में बंट गया है जिसमें एक धड़ा गांधी परिवार से बाहर को अध्यक्ष बनाने की बात कर रहा है तो दूसरे धड़े की मांग है कि अध्यक्ष गांधी परिवार के ही किसी सदस्य को होना चाहिए. लेकिन इस बीच खबर है कि सोनिया गांधी कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष पद छोड़ने जा रही हैं. उन्होंने अपने सहयोगियों से कहा है कि बतौर अंतरिम अध्यक्ष उनका कार्यकाल पूरा हो गया है.
सोनिया गांधी कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष पद छोड़ेंगी. लंबे समय से कांग्रेस में पूर्णकालिक अध्यक्ष पद की मांग चल रही है. इंडिया टुडे के सूत्रों ने बताया कि सोनिया ने पार्टी सहयोगियों ने कहा है कि उन्होंने एक साल के लिए अंतरिम अध्यक्ष के रूप में अपना कार्यकाल पूरा कर लिया है और वह पार्टी अध्यक्ष पद से हटना चाहेंगी और उन्हें पार्टी का नया अध्यक्ष चुनना चाहिए.
कांग्रेस वर्किंग कमिटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक कल सोमवार को होने जा रही है और सूत्रों ने बताया कि यह बैठक संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बुलाया गया है लेकिन उम्मीद है कि सोनिया गांधी फिर से पद छोड़ने की इच्छा जताएंगी और सदस्यों से कहेंगी कि वे खुद अपने पार्टी का नेता चुन लें.
सूत्रों ने इंडिया टुडे के साथ इस बात की पुष्टि की कि कुछ दिन पहले सोनिया गांधी ने गुलाम नबी आजाद से टेलीफोन पर बात की है. पार्टी नेतृत्व को लेकर एक पत्र 10 जनपथ भेजे जाने के बाद कांग्रेस के एक धड़े को लगता है कि पार्टी नेतृत्व का मुद्दा सुलझना चाहिए. इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पहले ही कांग्रेस के नेतृत्व में अपने विश्वास को दोहराते हुए जवाब दिया और कहा कि पार्टी को विभाजित करने के किसी भी कदम को विफल कर दिया जाएगा.
मैंने कोई पत्र नहीं देखाः रणदीप
माना जा रहा है कि अप्रत्यक्ष रूप से सवाल उठाने वाले पत्र का मुकाबला करने की रणनीति पहले से ही तैयार कर ली गई है. कई राज्य इकाइयां संगठिक होने लगी हैं और दिग्गज नेताओं के हस्ताक्षर अभियान के जरिए निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा.
कई कांग्रेसी नेताओं को लगता है कि पत्र अपने राजनीतिक भविष्य को बचाने के लिए कुछ नेताओं द्वारा किए गए अंतिम प्रयास से ज्यादा कुछ नहीं है और उन्होंने अपने स्वार्थ के लिए लिखा है न कि पार्टी हित के लिए.
वास्तव में सीडब्ल्यूसी के सदस्यों जितिन प्रसाद, मुकुल वासनिक और अन्य लोगों ने इन मुद्दों के बारे में तीन बैठक में नहीं बताया गया, लेकिन अब पत्र के जरिए सीडब्ल्यूसी की भूमिका पर सवाल उठाया गया है.












