ज्यों-ज्यों चुनाव आ रहा निकट, त्यों-त्यों बिखर रहा महागठबंधन:शशि मोहन क्षेम
संकल्प सवेरा। वर्ष 2024 का लोकसभा चुनाव ज्यों ज्यों निकट आता जा रहा है, त्यों त्यों विपक्षी दलों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को सत्ता से हटाने के लिये बनाया गया इंडिया महागठबंधन का एक एक स्तंभ ढहता जा रहा है। बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार जो इस महागठबंधन के अगुआ थे वहीं पल्टी मारकर भारतीय जनता पार्टी की शरण में चले गये। विपक्षी एकता गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी के बड़े बड़े नेता राहुल गांधी द्वारा निकाली गयी न्याय यात्रा में सम्मिलित है।
इधर तथाकथित महागठबंधन के नायकों की बैठक नहीं हो पा रही है। इतना ही नहीं इंडिया महागठबंधन की महत्वपूर्ण कड़ी रहीपश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्र्रेस को वामदलों से अलग होने का फरमान जारी कर दिया। कांग्रेस के नेता अब उसने निराश हो चले हैं। इतना ही नहीं ममता बनर्जी के राज्य में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कार पर पथराव भी हुआ। यह एक तरह से तृणमूल के महागठबंधन से अलग होने का स्पष्ट संकेत है।
उत्तर प्रदेश में भी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बगैर कांग्रेस पार्टी की सहमति लिये अपनी पार्टी के प्रत्याशियों की घोषणा शुरू कर दी। वे कांग्रेस को मात्र 11-12 सीटें देने के पक्ष में थे। उनके रवैये से तिलमिलायी कांग्रेस अब प्रदेश की सभी 80 सीटों पर प्रत्याशी उतारने की चेतावनी जारी कर दी है। महागठबंधन की एक और महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में आम आदमी पार्टी उभरकर सामने आती है। बिना किसी बैठक के ही इस पार्टी ने हरियाणा राज्य में सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारने की घोषणा पहले ही कर चुकी है।
इस तरह से महागठबंधन गंभीर रूप से विकलांग हो चुका है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उक्त महागठबंधन मोदी हटाओ के नारे को लेकर बना था। प्रायः महागठबंधन के महत्वपूर्ण नेता एवं उनके करीबी भ्रष्टाचार से संबंध्तिा किसी न किसी मामले में फंसे हुए हैं। इसलिये वे सोचते थे कि भारतीय जनता पार्टी केन्द्रीय सत्ता से हटी तो उन्हें बड़ी राहत मिल सकती है। लेकिन यह उनके लिये दिवास्वप्न हो गया है। कारण है कि महागठबंधन के प्रमुख दल राज्यो में एक दूसरे के कट्टर विरोधी है।
प्रायः इन सभी दलों ने कांग्रेस की जड़ में मट्ठा डालकर अपना वर्चस्व स्थापित किया है। चाहे समाजवादी पार्टी हो, तृणमूल कांग्रेस, अपना दल हो अथवा राष्टीय जनता दल। इधर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी नयी नयी चालों से विपक्षियों को धूल चटाने का कार्य कर रहे हैं। जम्मू कश्मीर से धारा 370 को समाप्त करने का उन्होंने ऐतिहासिक कार्य किया। अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लेकर उन्होंने एक बड़े समूह के लोगों का दिल जीत लिया। उनकी लोक कल्याणकारी योजनाओं से आम जनता को पूरा पूरा लाभ भी मिल रहा है। ऐसी परिस्थिति में अर्न्तकलह से जूझते विपक्ष का टिक पाना असंभव ही है।
शशि मोहन सिंह क्षेम वरिष्ठ पत्रकार
लेखक एवं टिप्पणीकार













