संकल्प सवेरा, जौनपुर। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर मनोविज्ञान विभाग द्वारा संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता डॉ माया सिंह ने आत्महत्या की प्रवृत्ति वाले लोगों की पहचान एवं उनके परामर्श एवं रोकथाम के बारे में चर्चा करते हुए बताया कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में युवाओं में बढ़ती हुई
आत्महत्या की प्रवृत्ति भयावह रूप ले चुकी है, आवश्यकता इस बात की है परिवार के सदस्य अपने बच्चों के व्यवहार की निगरानी करते रहें और अगर कोई नकारात्मक परिवर्तन देखते हैं तो तत्काल मनोवैज्ञानिक परामर्श दाता/ मनोचिकित्सक से अवश्य संपर्क करेंl डॉक्टर शुभ्रा सिंह भारद्वाज ने आत्महत्या के कारणों पर विस्तार से चर्चा किया और निदान के बारे में बतायाl
मान्या मिश्रा ने आत्महत्या के रोकथाम में मनोवैज्ञानिक परामर्श दाता की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया l इस अवसर पर डॉक्टर राजेश यादव ने अपने अनुभव को छात्रों के साथ शेयर किया और इस तरह के समस्या वाले लोगों की पहचान एवं उपचार के बारे में बताया l
कार्यक्रम में छात्र एवं छात्राओं ने विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर अपने विचार व्यक्त किएl कार्यक्रम का संचालन मान्या ने किया और आभार ज्ञापन डॉक्टर शुभ्रा सिंह ने कियाl












