गौराबादशाहपुर। एक तरफ जहां प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों की दशा सुधारने में जी जान से जुटी हुई है वही धर्मापुर विकासखण्ड क्षेत्र का एक प्राथमिक विद्यालय प्रभारी प्रधानाध्यापिका द्वारा विद्यालय के कंपोजिट ग्रांट के बजट में किये जा रहे मनमानी और गड़बड़ी के वजह से चर्चा का विषय बना हुआ है।
बता दें कि धर्मापुर विकासखण्ड क्षेत्र के समोपुर कला गांव का प्राथमिक विद्यालय इस समय प्रभारी प्रधानाध्यापिका की मनमानी के वजह से चर्चा में आया हुआ है। विकाखण्ड क्षेत्र के प्रत्येक प्राथमिक विद्यालयों पर हर माह के प्रथम बुधवार को विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक आयोजित की जाती है। जिसका विवरण खंड शिक्षा अधिकारी को प्रति माह दिया जाता है। किंतु इस प्राथमिक विद्यालय पर प्रभारी प्रधानाध्यापिका गीता देवी के मनमाने रवैये के कारण विगत कई महीनों से विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक नही आहूत की गई है। फरवरी माह का प्रथम बुधवार भी बीत गया परंतु इस माह भी प्रभारी प्रधानाध्यापिका द्वारा प्रबंध समिति की बैठक नही करवाई गई। प्रभारी प्रधानाध्यापिका गीता देवी के द्वारा बैठक न किये जाने से यह आशंका जताई जा रही है कि वह विद्यालय के कंपोजिट ग्रांट के बजट में जरूर कुछ न कुछ गड़बड़ी कर रही हैं। और न ही अभी तक इस बजट से विद्यालय परिसर में कोई ठोस कार्य करवाया गया है। प्रभारी प्रधानाध्यापिका के इस कार्य से यह आशंका हो रहा है कि विद्यालय जैसे पवित्र मंदिर पर भी धन उगाही व भृष्टाचार करने से नही हिचक रहे है लोग। स्थानीय लोगो मे भी इस बात से आक्रोश व्याप्त है। जानकरी लेने के लिए जब प्रभारी प्रधानाध्यापिका गीता देवी को जब कॉल किया गया तो उनका फोन नही उठा।
इस संदर्भ में जब खंड शिक्षा अधिकारी धर्मापुर संजय यादव से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि प्रभारी प्रधानाध्यापिका द्वारा विद्यालय पर प्रबंध समिति की बैठक क्यो नही करवाई जा रही है हम खुद इसकी अपने स्तर से जांच करेंगे। यदि लापरवाही पाई जाती है तो विभागीय कार्यवाई की जाएगी।












